
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 5, 2020 8:57 AM IST
ICMR ने दी वैज्ञानिकों को शाबाशी, कहा- वैक्सीन बनाने को लेकर सही दिशा में हो रहा है काम
वैसे तो कोरोनावायरस की रफ्तार देशभर में बनी हुई है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां कोरोना के पांव थमते नजर आ रहे हैं। इनमें से सबसे टॉप पर है राजधानी दिल्ली। देश की राजधानी में अब कोरोना की रिकवरी रेट 90 प्रतिशत हो चुकी है साथ ही रोजाना आने वाले नए मामलों में भी कमी देखी जा रही है। इसी बीच आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने भारतीय वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाते हुए उन्हें वैक्सीन पर तेजी से काम करने को लेकर शाबाशी दी है।
मंगलवार को भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ 2 टीके ह्यूमन ट्रायल मे सफल होने के बाद जहां पहला फेज पूरा हो गया है वहीं अब ये टीके दूसरे फेज में पहुंच गए हैं। इन टीकों को भारत बायोटेक द्वारा आईसीएमआर और जायडस कैडिला लिमिटेड के साथ मिल कर विकसित किया जा रहा है।
भार्गव का कहना है कि हमारे देश में कोरोना के खिलाफ तीन कैंडिडेट बहुत अच्छी प्रगति कर रहे हैं। उनका कहना है कि सुरक्षित टीका बन जाने के बाद इसकी प्राथमिकता तय की जानी चाहिए। यानि कि पहले चरण में ये टीका किन लोगों को दिया जाएगा, इसका डिस्ट्रिब्युशन कैसे होगा और टीका लगाने के लोगों को किस तरह प्रशिक्षित किया जाएगा आदि। इन सब विषयों पर टीका बनने के बाद बात की जानी चाहिए।
चंडीगढ़ का पीजीआई हॉस्पिटल ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित वैक्सीन (oxford vaccine) कोविशिल्ड के परीक्षणों के दूसरे और तीसरे चरण के लिए भारत के 17 ट्रायल साइट (परीक्षण स्थलों) में से एक है। इसके निदेशक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस ट्रायल के लिए देशभर के 17 स्थलों में 1,600 स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया जाएगा। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के निदेशक जगत राम ने कहा, “कोविशील्ड वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण परीक्षण के लिए ट्रायल साइट में से एक होने की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सौंपा जाना एक सम्मान है।”