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Written By: Yogita Yadav | Published : October 12, 2018 9:24 AM IST
We are far away from ending the AIDS epidemic by 2030, and are also falling short of achieving the 90-90-90 UNAIDS targets by 2020 © Shutterstock
इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव (आईएवीआई) ने एचआईवी टीका विकसित करने की दिशा में एक अनोखी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत एचआईवी की रोकथाम में कारगर एक विशेष प्रकार के ताकतवर प्रोटीन बनाने के लिए पहला कदम बढ़ाते हुए पहले चरण का परीक्षण शुरू करने की घोषणा की गई है। आईएवीआई के प्रेसिडेंट और सीईओ मार्क फीनबर्ग ने कहा, "दुनिया में एचआईवी के संक्रमण की रोकथाम करने के लिए एक नई विधि की जरूरत है।"
शुरु हो गया है परीक्षण
एमडी और पीएचडी की डिग्री प्राप्त फीनबर्ग ने कहा, "सौभाग्य से एक नई पीढ़ी का एचआईवी इम्यूनोजेन कैंडिडेट (दवा) का नैदानिक परीक्षण शुरू किया जा रहा है। अत्यंत परिष्कृत और उत्कृष्ट टीका विज्ञान का उपयोग करके इसे विकसित किया जा रहा है और टीका बनाने की दिशा में एक मिसाल के रूप में पेश किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य एचआईवी संक्रमण से सुरक्षा के लिए विशेष प्रतिरक्षी पैदा करना है।
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फीनबर्ग ने कहा, "हमारा लक्ष्य एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए बेहतर टीका बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर यह नैदानिक परीक्षण शुरू किया गया है।"
आईएवीआई के न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी सेंटर (एनएसी) के वैक्सीन डिजाइन के निदेशक डॉ. विलियम सीफ की प्रयोगशाला में इस दवा को विकसित किया गया है। डॉ. सीफ ने कहा, "इस परीक्षण में हमारा लक्ष्य यह साबित करना है कि विशेष रूप से लक्षित 'बी' कोशिकाओं से अनुक्रिया मिलना संभव है।"
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पहचानें इस गंभीर बीमारी के लक्षण
मांसपेशियों में जकड़न : एचआईवी से संकर्मित होने पर हमारे शरीर की मांसपेशियों पर काफी प्रभाव पड़ता है। इससे इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति की मांसपेशियों में जकड़न होने लगती है जो एचआईवी का शुरुआती का लक्षण माना जाता है।
थकान : एचआईवी का वायरस शरीर की कार्यक्षमता पर बुरा प्रभाव डालता है। इसीलिए यदि आपको ज्यादा थकान महसूस होने लगी है तो आपको सावधान होने की जरूरत है क्योंकि ज्यादा थकान होना या हर समय थकावट महसूस करना एच आई वी का शुरूआती लक्षण होता है।
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वजन कम होना : एचआईवी के मरीज का वजन एकदम से नहीं धीरे-धीरे घटना शुरू हो जाता है। बहुत से लोग सोचते है तो उनका वजन कम हो रहा है, लेकिन इसे मामूली बात न समझें बल्कि डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
अगर दिखाई दें ये लक्षण तो न करें नजरंदाज। © Shutterstock
बार-बार बुखार आना : यदि बुखार बार-बार आता है और लम्बे समय तक रहता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि हर 2-3 दिन में बुखार महसूस होना और तेज बुखार आना एच आई वी का सबसे पहला लक्षण होता है।
शरीर पर नीले निशान पड़ना : एचआईव होने पर मुंह, आंखों के नीचे और नाक पर लाल, नीले और बैगनी रंग के निशान पड़ जाते हैं, जिसे आप अक्सर इग्नोर कर देते हैं। इन्हे मामूली धब्बे न समझे बल्कि डॉक्टरी जांच करवाएं।
दस्त लगना : अगर आपको 2-3 हफ्ते से भी ज्यादा पतले दस्त हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं। कुछ लोग दस्त लगने की समस्या को मामूली समझ लेते हैं लेकिन ऐसी भूल बिल्कुल न करें। 2-3 हफ्ते से ज्यादा दस्त एचआईवी का संकेत होता है।
सूखी खांसी : मौसम में बदलाव के कारण तो अक्सर खांसी की समस्या हो जाती है लेकिन 3-4 हफ्ते तक खांसी रहना एचआईवी का संकेत होता है। इसके अलावा एचआईवी के कारण गले में खराश और गला पकने की समस्या भी हो जाती है।
बेवजह तनाव होना : लगातार कोशिश के बाद भी अगर फिर तनाव से घिरे रहते हैं तो इसे अनदेखा बिल्कुल न करें। तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं।
सिरदर्द : एचआईवी से संक्रमित होने पर प्रतिरोधक क्षमता पर काफी असर पड़ता है। इसीलिए संक्रमित व्यक्ति हमेशा सिरदर्द की समस्या से जूझता रहता है।
जोड़ों में दर्द व सूजन : उम्र के साथ-साथ जोड़ों में दर्द व सूजन होना सामान्य माना जाता है, लेकिन कहीं यह समय से पहले हो जाए, तो इस पर सोचने की जरूरत है। इसे हल्के में लेने की भूल न करें। यह एचआईवी का इशारा हो सकता है।