भारत में कोविड-19 इलाज में Hydroxychloroquine का इस्तेमाल होता रहेगा,सावधानी के साथ करें दवाई का प्रयोग-ICMR

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा के क्लिनिकल ट्रायल पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि कुछ एक्सपर्ट्स से ऐसा भी कहा  कि इस दवा के सेवन से मरीज़ की मृत्यु की संभावनाओं के बारे में जांच की जानी चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ कोविड-19 की  रोकथाम के लिए भारत ने कहा है कि कोविड-19 के हाई रिस्‍क मामलों में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन देने का काम जारी रखा जाएगा।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 28, 2020 6:00 PM IST

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए एंटी-मलेरिया ड्रग हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन  को लेकर इन दिनों खूब बातें हो रही हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गैनाइजेशन (World Health Organization) ने इस दवा के क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trials) पर रोक लगा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्मीद जतायी है कि जून-जुलाई तक इस बात पर थोड़ी क्लैरिटी मिलेगी कि कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) के इलाज के लिए यह कितनी कारगर है। गौरतलब है कि इस दवा (HCQ) के धडल्ले से सेवन करने की बातें सामने आ रही थीं। तो वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स से ऐसा भी कहा कि इस दवा के सेवन से मरीज़ की मृत्यु की संभावनाओं के बारे में जांच की जानी चाहिए।

वहीं, दूसरी तरफ भारत ( India) में कोविड-19 इंफेक्टेड लोगों के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है। कोविड-19 की  रोकथाम के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा गठित नेशनल टास्‍क फोर्स ने  कुछ समय पहले कोविड-19 के हाई रिस्‍क मामलों में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन देने की सलाह अनुमति दी थी।  आमतौर पर मलेेरिया के मरीज़ों को दी जाने वाली इस दवा के इस्तेमाल से जुड़ी एक  एडवाइजरी भी जारी की  गयी थी। जिसमें, कहा गया कि था कि बिना डॉक्टरी सलाह के इस दवा का सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि, बहुत से लोग कोविड-19 के आम लक्षण दिखायी देने पर खुद से यह दवा खरीदकर खा रहे थें।

भारत में जारी रहेगा कोविड में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का कहना है कि भारत में की गयी स्टडीज़ में एंटी-मलेरिया (Anti Malaria Drug) दवाई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के कुछ विशेष साइड इफेक्ट्स नहीं देखे गेए। इसीलिए, कोविड-19 के मरीज़ो के लिए एहतियाती ट्रीटमेंट में इसका इस्तेमाल जारी रखा जाएगा। हालांकि, आईसीएमआर ने कहा है कि इस दवा को गहन चिकित्सा पर्यवेक्षण में ही मरीज़ों को दिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बाबत डब्ल्यूएचओ (WHO) को एक ईमेल भी किया है और अपने फैसले के बारे में अवगत कराया है।

कई दवाइयों की उपयोगिता की हो रही है जांच:

इस दवाई के प्रयोग के बारे में  पीटीआई को जानकारी देते हुए आईसीएमआर (ICMR) डायरेक्टर बलराम भार्गव ने बताया, कि कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19) के बारे धीरे-धीरे नयी जानकारियां मिल रही हैं। ऐसे में हमें यह नहीं पता कि कौन-सी दवा से इस बीमारी में ठीक होने में मदद हो रही है और कौन-सी दवा काम नहीं कर रही। पहले से उपलब्ध कई दवाइयों को कोविड-19 (Covid-19) के लिए इस्तेमाल करने का निर्णय लिया जा रहा है। कोशिश केवल यही है कि किसी भी प्रकार मरीज़ों को इस इंफेक्शन से सुरक्षित रखा जा सके और उनकी जान बचायी जा सके।

कौन कर सकता है (hydroxychloroquine)  का सेवन:

  • हाई-रिस्क ज़ोन में काम करने वाले लोग
  • हेल्थकेयर वर्कर (Healthcare Workers)
  • कोविड-19 टेस्ट में कोविड (Covid-19 Positive Cases)  पॉजिटिव पाए गए लोग

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