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Written By: Anshumala | Published : June 2, 2020 5:13 PM IST
आईसीएमआर ने कहा, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की चार खुराक से कोरोना संक्रमित होने से बच सकते हैं स्वास्थ्यकर्मी।
Corona & Hydroxychloroquine : कोरोनावायरस इंफेक्शन (Coronavirus infection) के इलाज में कभी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) को बेहतर बताया जाता है, तो कभी इस पर बैन लगा दिया जाता है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) मुख्य रूप से मलेरिया के इलाज में काम आने वाली एक दवा है। कुछ दिनों पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कोरोना मरीजों के लिए इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन, इस दवा को लेकर फिर एक अच्छी खबर सामने आई है। मलेरिया का इलाज करने वाली यह दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन प्रोफिलैक्सिस के सेवन (Corona & Hydroxychloroquine) से स्वास्थ्यकर्मियों (Health workers) में कोविड-19 (Covid-19) से इन्फेक्टेड होने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। इस पर आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने एक अध्ययन किया है, जिसमें यह बात सामने आई है।
इन दिनों देश में कोरोनावायरस से संक्रमित कुल मामले बढ़कर 198,706 हो गए हैं, जिसमें से कुल एक्टिव केसेज 97,581 हैं। इनका देश के विभिन्न हॉस्पिटल्स में इलाज चल रहा है। कोरोना से लगातार संक्रमित होते लोगों का इलाज स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात कर रहे हैं। इसके कारण स्वास्थ्यकर्मियों के वायरस से संक्रमित होने का खतरा काफी हद तक बढ़ गया है। अब तक कई डॉक्टर्स और नर्स कोरोना से संक्रमित भी हुए हैं। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए आईसीएमआर द्वारा एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कुछ स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया। इन्हें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Coronavirus & Hydroxychloroquine) की छह या फिर इससे अधिक खुराक दी गई। इसे उनमें कोरोनावायरस से होने वाले नुकसानों में भारी कमी देखने को मिली। इस अध्ययन के निष्कर्ष को इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित किया गया है।
अध्ययन में स्वास्थ्यकर्मियों के दो समूहों में विभाजित किया गया। पहले में कोरोना से संक्रमित स्वास्थ्यकर्मी थे, तो दूसरे में कोरोना नेगेटिव केस थे। इन सभी प्रतिभागियों को आईसीएमआर द्वारा बनाए गए कोविड-19 (Covid-19) टेस्ट डेटा पोर्टल से रैन्डमली सेलेक्ट किया गया था। 20 सवाल तैयार किए गए। उनसे ये सवाल पूछे गए और इसके हिसाब से उनके कार्यस्थल, पीपीई किट का इस्तेमाल, उपयोग करने का तरीका, सेफ्टी, कोरोना से बचाव आदि के बारे में सवाल किए गए और जानकारी प्राप्त की गई। अध्ययन में 624 कोविड इंफेक्टेड स्वास्थ्यकर्मी और लगभग 549 गैर-संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क किया गया, ताकि उनका अध्ययन के लिए विश्लेषण किया जा सके।
अध्ययन में यह भी कहा गया है कि इन स्वास्थ्यकर्मियों (Health workers) को सिर्फ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन प्रोफिलैक्सिस (Corona & Hydroxychloroquine) देने से ही कोरोना संक्रमण की समस्याओं से नहीं बचाया जा सकता है।इनमें से 172 पॉजिटिव केसेज और 193 नेगेटिव स्वास्थ्यकर्मियों ने दवा के सेवन किया। इन लोगों पर दवा का कोई व्यापक प्रतिकूल असर देखने को नहीं मिला।
अध्ययन में कहा गया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के कुछ साइड एफेक्ट्स (Corona & Hydroxychloroquine side effects) भी होते हैं, जिनमें सिरदर्द, जी मचलना और दस्त शामिल है। अध्ययन में शामिल कोरोना नेगेटिव में से किसी ने भी घबराहट की शिकायत नहीं की। हां, घबराहट की समस्या सिर्फ एक कोरोना पॉजिटिव में देखने को मिली। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के सेवन से स्किन रैशेज भी नहीं दिखाई दिए।
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