
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : June 5, 2026 11:55 AM IST
बांग्लादेश में खसरा के मामले
Measles Cases in Bangladesh: हाल में बांग्लादेश की यह हालत है कि वहां पिछले 24 घंटों में 4 बच्चों की मौत हो गई है और मार्च से अब तक ये आंकड़ा 600 पार भी कर चुका है, जिसमें अन्य कारक भी शामिल हैं। शुरुआत की बात करें तो वर्ल्ड हेल्थ ऑग्रेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 4 अप्रैल 2026 को बांग्लादेश के लिए नेशनल इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन फोकल प्वाइंट ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को देशव्यापी स्तर पर खसरे के मामलों में वृद्धि की सूचना दी। इससे बांग्लादेश के सभी आठ डिवीजनों के 64 में से 58 जिले भौगोलिक रूप से प्रभावित हुए हैं।
मार्च से अप्रैल तक, एक महीने में ये संदिग्ध आंकड़े 19,161 पहुंच गए थे और पुष्टी करने पर 2897 मामले दर्ज हुए और इनमें से भी 166 मौते खसरे की वजह से हुई थीं और कुछ में खसरे जैसे लक्षण देखे गए थे। इसमें 79% यानी 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं। WHO राष्ट्रीय स्तर पर इस जोखिम को उच्च मानता है, जिसका कारण कई डिवीजनों में जारी संक्रमण, बड़ी संख्या में संवेदनशील बच्चे, इम्यूनिटी गैप और खसरे से संबंधित संदिग्ध मौतों का होना है। हाल में बांग्लादेश में क्या हालात हैं, आइए विस्तार से जानते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च ले सेकर जून तक 74 हजार मामले दर्द हुए हैं, जिनमें से 9 हजार से अधिक पुष्टि किए गए संक्रमण दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़े चौकाने वाले हैं, क्योंकि पिछले एक दिन में 1200 से अधिक मामले आ रहे हैं और लैब में जांच के बाद 55 मामलों की पुष्टी हुई है, जिसमें सभी की लैब द्वारा पुष्टी नहीं हुई। वहीं अगर बच्चों में खसरा के बढ़ते आंकड़ों की बात करें तो यह अब तक 60 हजार पहुंच गए हैं। राहत की बात यह है कि 56 हजार बच्चे इलाज के बाद ठीक हो गए हैं।
डीजीएचएस के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देश भर में खसरा से संबंधित जटिलताओं के कारण चार बच्चों की मौत हो गई, जिससे चल रहे प्रकोप से मरने वालों की कुल संख्या 605 हो गई है। बता दें कि 500 से अधिक दर्ज खसरा के मामलों में केवल 86 मौतें प्रयोगशाला-पुष्ट थीं और बाकी मौतों के पीछे खसरे का संदेह बताया गया। इनमें खसरे जैसे लक्षण थे, लेकिन सभी मामलों की प्रयोगशाला पुष्टि नहीं हुई थी। हाल ही में हुई मौतों में से एक व्यक्ति खसरा से संक्रमित पाया गया था, जबकि तीन मामलों को खसरा के संदिग्ध मामलों के रूप में अलग किया गया था। ये मौतें ढाका, मयमनसिंह, सिलहट, सुनामगंज और रंगपुर से रिपोर्ट की गईं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार खसरा एक बहुत ही तेजी से छूने से फैलने वाली वायरल बीमारी है जो सभी उम्र के सेंसीटिव लोगों को प्रभावित करती है और विश्व स्तर पर छोटे बच्चों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। यह 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों, कुपोषित व्यक्तियों, खासतौर से विटामिन ए की कमी वाले लोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। खांसी और छींक से फैलने वाली ये बीमारी तेजी से फैलती है।
बांग्लादेश में मौजूदा खसरा का प्रकोप अपर्याप्त जन प्रतिरक्षा (Suboptimal Population Immunity) के कारण हो रहा है। बड़ी संख्या में मामले उन बच्चों में पाए गए हैं जिन्हें या तो टीका नहीं लगाया गया था या जिन्हें खसरा युक्त टीके की सिर्फ एक खुराक मिली थी। इसके अलावा कुछ बच्चे 9 महीने की उम्र में टीकाकरण की एलीजिबिलिटी पाने से पहले ही संक्रमित हो गए थे। वहीं ज्यादातर यानी कि 91 % मामले या 1 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों में पाए गए, जो इस आयु वर्ग में इम्यूनिटी की गंभीर कमी को दिखाता है।
यूनिसेफ की ग्राउंड रिपोर्ट में पता चलता है कि बांग्लादेश के हॉस्पिटल्स मरीजों से भरे हुए हैं। वहीं, जहां कोई उपाय नहीं है, वहां संक्रमित बच्चों को अलग कर प्राथमिक जांच की जा रही है। यूनिसेफ के अनुसार अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश में टीकों की खरीद के तरीके में बदलाव करने का फैसला किया, जिसके कारण ऑर्डर देने में देरी हुई। यही कारण है कि आज बांग्लादेश में मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
डिस्क्लेमर: बांग्लादेश में खसरा बहुत तेजी से फैल रहा है। ये खांसने, छींकने और छूने से फैलने वाला वायरल बीमारी है। अगर आपने अभी तक अपने बच्चे को खसरा का टीका नहीं लगाया है तो समय रहते लगवा लें, क्योंकि थोड़ी भी अनदेखी बड़ी गलती का कारण बन सकती है।