
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 18, 2020 4:09 PM IST
बोलीविया में दुर्लभ और खतरनाक 'चापरे वायरस' के मामले आए सामने, वैज्ञानिकों ने कहा कोरोना की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है यह वायरस
एक्सपर्ट्स की राय है कि लोगों को संक्रमित करने वाला यह वायरस इबोला जैसे बुखार और हेमोरहागिक फीवर की वजह बन सकता है। हालांकि, वही इस वायरस के बारे में बोलते हुए एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि, पूर्व में इबोला को बहुत ही खतरनाक माना जा रहा था। लेकिन, कुछ समय बाद इस वायरस पर काबू पा लिया गया। (Chapare virus found in Bolivia)
मिली जानकारी के अनुसार, ‘चापरे वायरस’ इंफेक्शन का पहला केस 2019 में सामने आया था। बोलीविया में ला पाज में 2 लोगों को संक्रमण हुआ था जिनसे 3 हेल्थकेयर वर्कर्स को भी संक्रमण हो गया। इस इंफेक्शन के कारण 3 लोगों की मृत्यु हो गयी। वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि साल 2004 में चापरे वायरस के कुछ मामले बोलिविया के चापरे क्षेत्र में देखे गए थे।
गार्जियन अख़बार में छपी एक ख़बर के मुताबिक सीडीसी एक्सपर्ट्स ने चापरे वायरस के बारे में बताया कि, ' यह वायरस बॉडी फ्लूइड यानि शारीरिक तरल पदार्थों से फैल सकता है। साथ ही, ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस, चूहों से इंसानों तक पहुंचा है। हालांकि, मानव शरीर के तरल पदार्थों के ज़रिए फैलने वाले वायरस को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
इस इंफेक्शन के लिए कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। इसीलिए, अभी तक चापरे इंफेक्शन से पीड़ित लोगों को चापर नसों में लिक्विड दवाइयों की मदद से इलाज मिल रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जैसा कि चापरे वायरस इंसानों में एक-दूसरे से फैल सकता है। इसीलिए, इस वायरस के बारे में और अधिक खोज करने की आवश्यकता है।