समर केयर: हीट स्ट्रोक से बचना है, तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

हीट स्ट्रोक का समय रहते इलाज न करवाया जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

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Written By: Editorial Team | Published : April 19, 2018 11:09 PM IST

गर्मी ने लोगों पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा लोग हीट स्ट्रोक की समस्या से परेशान होते हैं। जब आप उच्च तापमान में अधिक देर तक घूमते-फिरते हैं या गर्म हवा के संपर्क में आते हैं, तो हीट स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। जब शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती है, तो पसीना निकलने के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक होता है। जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से भी ज्यादा पहुंच जाता है, तो समझ लीजिए की आप हीट स्ट्रोक से पीड़ित हैं। हीट स्ट्रोक होने पर सेंट्रल नर्वस सिस्टम में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं। तुरंत इलाज न हो, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। हीट स्ट्रोक के कुछ आम लक्षणों में भ्रम, मिचली, चेतना में कमी के अलावा कई बार व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है। बेहोशी हीट स्ट्रोक होने का पहला लक्षण है। अन्य लक्षणों में शामिल हैं-

सिरदर्द

सिर में भारीपन महसूस होना

चक्कर आना

गर्मी होने के बावजदू पसीना न आना

रूखी और लाल त्वचा

मांसपेशियों में ऐंठन

उल्टी या मिचली

हृदय गति का तेज होना

सांस लेने में समस्या

व्यवहार से संबंधित बदलाव जैसे भ्रम आदि।

क्या है इलाज-

  • एक बार जब हीट स्ट्रोक होने का पता चल जाए, तो पीड़ित व्यक्ति को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराएं।
  • जब तक मेडिकल मदद नहीं मिलती, पीड़ित व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाएं। उसे लिटा दें। पैरों को थोड़ा सा ऊंचा करके ही रखें।
  • रह-रहकर ढेर सारा पानी पीने को दें। यदि व्यक्ति अलर्ट और चेतन अवस्था में है, तो

स्पोर्ट्स या रिहाइड्रेशन ड्रिंक्स पीने को दे सकते हैं।

  • बेहोशी की हालत में होने पर किसी नजदीकी हॉस्पिटल में ले जाएं, ताकि आईवी फ्लूड्स दिया जा सके।
  • शरीर को धीरे-धीरे आइस पैक से ठंडा करने की कोशिश करें। चाहें तो ठंडे पानी से शरीर पर स्पंज या स्प्रे करें। गीले कपड़े से शरीर को पोंछते रहें।

हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय-

  • प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। गर्मी के दिनों में खुद को हाइड्रेट रखने के लिए तरल पदार्थ अधिक पिएं। खासकर एक्सरसाइज करने से पहले या करने के दौरान। फलों से तैयार जूस भी फायदेमंद होगा।
  • ठंडे पानी में स्नान करें। जितना हो सके आराम करें। देर तक घर से बाहर रहने से बचें।
  • हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन करें। उन मौसमी फलों का सेवन करें, जिसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। खरबूजा, तरबूज, नारियल, खीरा, ककड़ी, शिमला मिर्च में पानी की मात्रा अधिक होती है। इन्हें प्रतिदिन अपनी डाइट में शामिल करें।
  • हल्के रंग और ढीले-ढाले कपड़े पहनें। कॉटन फैब्रिक के कपड़े गर्मी के दिनों में पहनना सबसे आरामदायक होता है।
  • घर से निकलना हो तो सुबह 11 बजे से पहले ही निकल जाएं। दिन में 11 से 3 बजे का समय गर्मी में निकलने के अनुकूल नहीं होता, क्योंकि इस समय धूप बहुत तेज होता है। निकलना बहुत जरूरी है, तो छाता या टोपी का इस्तेमाल अवश्य करें।
  • हद से ज्यादा एल्कोहल, शुगरी ड्रिंक्स और कैफीन लेने से बचें। ये सभी डिहाइड्रेशन का कारण होते हैं।
  • गर्मी के दिनों में छोटे कमरे या तेज धूप में घर के बाहर देर तक एक्सरसाइज करने से बचें।
  • बच्चों या बुजुर्गों को कभी भी पार्क की हुई कार में न छोड़ें। छोड़ें भी तो कार की खिड़की पूरी बंद न रखें।
  • किसी भी तरह के लक्षण नजर आएं, तो उसे नजरअंदाज न करें। जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

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अनुवादक: Anshumala.

चित्रस्रोत: Shutterstock  Images.

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