
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 14, 2018 9:33 AM IST
सर्दियों के मौसम के साथ ही स्मॉग या धुएं और हवा में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। जाहिर है इसके शरीर में जाने से आपको और शिशु को नुकसान हो सकता है। गर्भावस्था में महिलाओं का इम्युनिटी सिस्टम भी कमजोर होता है जिससे बीमार पड़ने का भी खतरा अधिक होता है। चलिए जानते हैं स्मॉग से किसी प्रेगनेंट महिला की सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है।
स्मॉग के सम्पर्क में आने से आपको थकान और बेचैनी हो सकती है। इसके अलावा प्रदूषण आपके फेफड़ों के कामकाज को बाधित कर सकता है। यह वायु मार्ग में जलन , सीने में जकड़न, सांस लेने में परेशानी जैसी आदि समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप पहले से अस्थमा जैसी किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो आपकी हालत और ज्यादा ख़राब हो सकती है।
स्मॉग से बच्चे पर क्या असर हो सकता है?
रिसर्च के अनुसार, स्मॉग से बच्चों में श्वसन संबंधी प्रभाव पड़ सकता है। यह बच्चों के अंगों पर बुरा असर डाल सकता है जिससे बच्चे को दीर्घकालिक जटिलताएं हो सकती हैं। वायु प्रदूषण से खासकर बच्चों के फेफड़ों के विकास पर ज्यादा बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा इससे समय से पहले जन्म और बच्चे का इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होना का भी खतरा होता है। इससे बच्चे के फेफड़ों का कामकाज बाधित हो सकता है, सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और बचपन में ही अस्थमा होने का भी डर है।
इसके अलावा फेफड़ों के खराब होने से शिशु मृत्यु दर में भी तेजी हो सकती है। वायु प्रदूषण फेफड़ों को कैसे प्रभावित करता है, यह कारण अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन कई अध्ययन इस बात का दावा करते हैं कि स्मॉग से गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान हो सकता है।