
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : July 7, 2020 11:01 AM IST
public toilet
पब्लिक टॉयलेट यानि कि वह शौचालय जिसे राह चलता कोई भी व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है। क्योंकि यहां कोई भी कैसा भी (रोगी व निरोगी) जाता है, ऐसे में यहां साफ सफाई या किसी भी प्रकार के सैनिटाइज की उम्मीद रखता ज्यादा मुनासिब नहीं होगा। पब्लिश शौचालयों के गंदे दरवाजे, पानी का अकाल, गंदगी से बजबजाते पॉट और दीवारों पर पान की पीक, वाकई किसी बुरे सपने से कम नहीं हैं। इसलिए यदि आप किसी भी सूरत में पब्लिश टॉयलेट यूज़ करते हैं तो अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ही लें। कोरोनावायरस महामारी से पहले भी पब्लिक टॉयलेट को इस्तेमाल करने से पहले तमाम तरह के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती थी। ऐसे में इन दिनों COVID-19 पैन्डेमिक के चलते लोगों को और भी अधिक सर्तक रहने की जरूरत है।
फिजिक्स ऑफ फ्लूइड्स में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में पब्लिश एक लेख में टॉयलेट से होने वाले खतरों की एक रूपरेखा तैयार की गई है। रिसर्च में कहा गया है कि फ्लशिंग टॉयलेट में मौजूद मल के कीटाणु करीब 3 फीट तक हवा में घूम सकते हैं जो सांस लेने के दौरान इंसान के शरीर के अंदर जा सकते हैं। ऐसे में यदि कोरोनावायरस संक्रमित व्यक्ति पब्लिश टॉयलेट का इस्तेमाल करता है और उसके ठीक बाद कोई सामान्य व्यक्ति उसी टॉयलेट में जाता है तो संक्रमित व्यक्ति के मल में मौजूद कीटाणुओं से सामान्य व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। क्योंकि कोरोना के कीटाणु हवा में घूमते हैं।
लेकिन कुछ ऐसी टिप्स भी हैं जिन्हें पब्लिक टॉयलेट यूज़ करने से पहले फॉलो किया जाए तो कोरोना के खतरे से काफी हद तक बचा जा सकता है। तो आइए जानते हैं क्या हैं वो तरीके—
"सार्वजनिक टॉयलेट का उपयोग करने का सबसे खतरनाक हिस्सा क्या है?" वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में संक्रामक रोगों के डिवीजन में मेडिसिन के प्रोफेसर, विलियम शेफ़नर कहते हैं,"यह जरूरी नहीं कि निर्जीव वातावरण हो।" वैसे तो घर से बाहर कदम रखते ही मास्क पहनना चाहिए, लेकिन अगर आप पब्ल्शि टॉयलेट यूज़ करने जा रहे हैं तो इसे हर सूरत में पहनें। स्कोफ़नर कहते हैं, कि यदि आपके सामने ही किसी व्यक्ति ने टॉयलेट इस्तेमाल किया है तो उसके बाद आप तुरंत न जाएं, जब तक यह थोड़ा साफ़ न हो जाए। यानि कि यदि आपका जाना अत्यावश्यक नहीं है तो थोड़ा रुककर जाएं।
टॉयलेट सीट पर सीधे बैठना भी कई मायनों में असुरक्षित है। अगर संभव हो तो अपने साथ वाइप कैरी करें, और सीट पर बैठने से पहले अच्छी तरह साफ करें। पब्लिश टॉयलेट के आसपास मौजूद वॉशबेसिन या नलों को हाथ लगाना भी इन दिनों असुरक्षित है। यदि आप यहां के पानी से हाथ धोते हैं तो उसके बाद सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। वैज्ञानिक कहते हैं कि यदि हर व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड वॉश और फेस मास्क जैसे सुरक्षा उपकरणों को गंभीरता से अपनाएं तो कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है।