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कोविड-19 संक्रमण आंतों को कितना प्रभावित करती है, जानिए रिसर्च में क्या हुआ खुलासा

आंत में लिम्फोइड ऊतक सामान्य रूप से स्वस्थ आंतों के माइक्रोबियल स्तर को बनाए रखता है, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।

कोविड-19 संक्रमण आंतों को कितना प्रभावित करती है, जानिए रिसर्च में क्या हुआ खुलासा

Written by Atul Modi |Published : February 20, 2022 4:03 PM IST

कोरोनावायरस आमतौर पर सांस की बीमारी है, मगर यह शरीर के कई अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। इस रिसर्च से पता चला है कि, कोरोनावायरस हमारी आंतों को भी नुकसान पहुंचाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि गंभीर कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों में सांस लेने की समस्या, तेज बुखार के साथ ही कुछ रोगियों को दस्त मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है।

किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने देखा कि सामान्य रूप से माइक्रोबियल समुदायों की संरचना को विनियमित करने वाली प्रणाली, जिसे पीयर्स पैच के रूप में जाना जाता है, गंभीर रूप से कोरोना से संक्रमित मरीजों की आंत को प्रभावित किया, भले ही आंख में वायरस मौजूद हो या ना हो।

इस शोध का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर जो स्पेंसर ने कहा, "इस अध्ययन से पता चलता है कि कोविड-19 में प्रतिरक्षा प्रणाली का यह प्रमुख घटक बाधित होता है। चाहे आप स्वयं कोविड-19 से प्रभावित हो या नहीं।"

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वैज्ञानिक ने कहा कि, 'यह संभवत: कोविड-19 में आंतों की माइक्रोबियल में गड़बड़ी पैदा करता है।'

फ्रंटियर्स इन इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में उन रोगियों के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के नमूनों को देखा गया, जिनकी महामारी की पहली लहर के दौरान कोविड-19 के निदान के बाद मौत हो गई थी।

नमूनों की टिप्पणियों में पीयर्स पैचेस में संरचना और सेल्युलरिटी - लिम्फोइड फॉलिकल्स का एक समूह है जो छोटी आंत में वायरस के स्तरों को स्वतंत्र रूप से बदल देता है।

इसमें मौजूद रोगाणु आमतौर पर कोविड के रोगियों में एंटीबॉडी उत्पादक कोशिकाओं का प्रसार करते हैं। परिणामस्वरूप खराब स्थानीय प्रतिरक्षा माइक्रोबियल विविधता में कमी ला सकती है, जिसे डिस्बिओसिस के रूप में जाना जाता है।

आंत में लिम्फोइड ऊतक सामान्य रूप से स्वस्थ आंतों के माइक्रोबियल स्तर को बनाए रखता है, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।

शोधकर्ताओं ने यह भी नोट किया कि निष्कर्ष बताते हैं कि यदि रोगी पहले से ही बीमार है तो उस पर मौखिक टीकाकरण प्रभावी नहीं हो सकता, क्योंकि आंत प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से ही समझौता कर चुकी होती है।

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स्पेंसर ने कहा, "भविष्य में आंत में गंभीर सूजन की स्थिति में इस तरह के लिम्फोइड ऊतक विकृति लाने वाले कारक होते हैं, जिन्हें समझना महत्वपूर्ण होगा।

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