वैक्‍सीन लेने के कितने दिन तक शरीर में एंटीबॉडी बने रहेंगे? जानिए क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर

एंटीबॉडी (Antibodies) एक तत्‍व होता है, जिसे हमारा इम्‍युन सिस्‍टम (Immune System) बनाता है। एंटीबॉडी (Antibodies) का काम शरीर में वायरस के असर को कम करना होता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 21, 2021 9:31 AM IST

हमारे देश में कोरोना के खिलाफ वैक्‍सीन (Corona Vaccine) अभियान को शुरू हुए लगभग एक हफ्ता होने वाला है। 16 जनवरी से शुरू हुए इस टीकाकरण के कहते करीब 8 लाख लोगों को वैक्‍सीन लग चुकी है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि बीते बुधवार को ही 1 लाख 12 हजार 7 लोग लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई। लेकिन लोगों को कहना है कि आखिर वैक्‍सीन लगने के कितने दिन बाद तक शरीर में एंटीबॉडी (Antibodies) बनी रहेंगी। इस सवाल का जवाब देने से पहले हम आपको ये बताते हैं कि आखिर एंटीबॉडी (Antibodies) क्‍या होती है और यह कैसे काम करती है।

क्‍या होती है एंटीबॉडी और ये कैसे काम करती है?

एंटीबॉडी (Antibodies) एक तत्‍व होता है, जिसे हमारा इम्‍युन सिस्‍टम (Immune System) बनाता है। एंटीबॉडी (Antibodies) का काम शरीर में वायरस के असर को कम करना होता है। आपने जरूर सुना होगा कि जिन लोगों इम्‍युनिटी स्‍ट्रॉंग होती है वह संक्रमण से जल्‍दी रिकवर कर लेता है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि हमारा इम्‍युन सिस्‍टम तब ज्‍यादा मात्रा में एंटीबॉडी (Antibodies) का निर्माण करता है। जब शरीर संक्रमण का शिकार हो जाता है तो एंटीबॉडीज (Antibodies) बनने में समय लगता है। इसलिए डॉक्‍टर कोरोना मरीजों का एंटीबॉडी टेस्ट भी करते हैं।

वैक्‍सीन लेने के कितने दिन तक शरीर में एंटीबॉडी बने रहेंगे?

क्‍योंकि शरीर संक्रमण का शिकार हो चुका है इसलिए हमारे इम्‍युन सिस्‍टम को एंटीबॉडी बनाने में समय लग सकता है। लेकिन जब आप कोरोना की वैक्‍सीन लेंगे तो बॉडी को एंटीबॉडी (Antibodies) मिलती हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि एंटीबॉडी (Antibodies) लेने के कितने दिनों तक हमारे शरीर में एंटीबॉडी  (Antibodies) बनी रहेंगी? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉक्‍टर कहते हैं कि इस विषय पर फिलहाल कोई रिसर्च नहीं की गई है जिससे यह पता चल पाए कि वैक्सीन लेने के बाद कोरोना के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी कितने दिन तक बने रहेंगे। हालांकि अनुमान है कि वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के करीब 6 महीने तक एंटीबॉडी शरीर में रहेंगे। यह समय थोड़ा कम भी हो सकता है और ज्‍यादा भी हो सकता है। यह आपकी इम्‍युनिटीपर निर्भर करता है।

वैक्‍सीन लगाने से पहले मेडिकल हिस्‍ट्री पूछते हैं डॉक्‍टर

कोरोना की वैक्‍सीन लगाने से पहले डॉक्‍टर व्‍यक्ति से मेडिकल हिस्‍ट्री भी पूछ रहे हैं। इसके लिए वैक्‍सीन लगाने से पहले फॉर्म भरने का प्रोसेस है। जिसमें कई तरह के सवाल हैं। फिर डॉक्‍टर उस फॉर्म को देखकर मरीज को टीका लगा रहे हैं। इस बात का ध्‍यान रखें कि डॉक्‍टर से कोई भी बात छिपाना खतरे से खाली नहीं है। अगर आपकी हेल्‍थ से संबंधित कोई ऐसी चीज है जो फॉर्म में नहीं है तो उसे डॉक्‍टर को आप खुद बताएं। ऐसी स्थिति में वैक्‍सीन से साइड इफेक्‍ट होने की संभावना बहुत है। भारत बायोटेक (Bharat Biotech) और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute Of India) भी अपनी वैक्‍सीन कोवैक्‍सीन और कोविशील्‍ड को लकेर फैक्टशीट जारी कर चुके हैं। जिसमें कहा गया है कि गर्भवती, स्‍तनपान कराने वाली महिला, एलर्जी से पीड़‍ित व्‍यक्ति, ब्‍लड से संबंधित रोगी और बुखार से पीडि़त लोग वैक्‍सीन लेने से बचें। क्‍योंकि इससे शरीर में रिएक्‍शन हो सकता है।