भारत में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों के बीच क्या है सरकार की तैयारी, जानिए WHO ने क्या कहा?

भारत में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामले चिंता का विषय है. जहां अब तक मिले चार मरीजों के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है वहीं भारत ने भी इसकी रोकथाम की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

WrittenBy

Written By: Atul Modi | Published : July 26, 2022 4:41 PM IST

भारत में मंकीपॉक्स का वायरस अपनी भयानक दस्तक दे चुका है. देश में जैसे-जैसे संदिग्ध मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ती जा रही है. जहां एक तरफ कोरोना वायरस ने इतनी तबाही मचाई की लोगों के दिल और दिमाग में इसका खौफ बरकरार है. वहीं दूसरी तरफ मंकीपॉक्स वायरस भी तेजी से दुनिया भर में अपने पैर पसार रहा है. हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से मंकीपॉक्स 68 देशों में अपनी दस्तक दे चुका है. हजारों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. जिसमें भारत भी शामिल है. जहां 4 मरीज उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, केरल और दिल्ली है. जिनके लक्षण नजर आते ही उनके नमूने पुणे में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेज दिए गये.

WHO ने जाहिर की चिंता

मंकीपॉक्स दुनियाभर के लगभग 68 देशों में 16 हजार लोगों को संक्रमित कर चुका है. जिसे लाकर WHO यानि की विश्व स्वास्थ संगठन भी अब चिंता जाहिर करने लगा है. WHO ने मंकीपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपात घोषित कर दिया है.

वायरस को रोकने की भारत की कैसी है तैयारी?

नेशनल लेवल पर तैयारी

मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत की हेल्थ मिनिस्ट्री ने इंटरनेशनल ट्रैवलर्स को बीमार लोगों के साथ मरे हुए या जिन्दा जंगली जानवरों के सम्पर्क में ना जाने की सलाह दी है. इसके साथ ही उन्हें जंगली जानवरों का मीट ना खाने और उनसे तैयार प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचने के लिए कहा है.

स्टेट लेवल पर तैयारी

भारत में ऐसे कई राज्य हैं जहाँ मंकीपॉक्स वायरस का एक भी मरीज नहीं मिला है. जिसमें गुजरात भी शामिल है. लेकिन यहाँ के सिविल अस्पताल में मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीजों के लिए पहले से ही आइसोलेशन वार्ड की तैयारी की जा चुकी है.

हर स्थिति में तैयार रहना जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में मंकीपॉक्स के कुछ मामले सामने आने के बाद हर स्थिति में तैयार रहने की जरूरत है. तैयार किये हुए आइसोलेशन वार्ड में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हों. इसका ख्याल रखना भी जरूरी है. जहाँ भी मंकीपॉक्स को लेकर बेड तैयार किया गये हैं, उन्हें बढ़ाकर ज्यादा भी किया जा सकता है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

कई एक्सपर्ट्स और डॉक्टर के सुझाव यही है कि, नेशनल लेवल पर टेस्टिंग को बढाने से मंकीपॉक्स के वायरस को फैलने से रोका जा सकता है. जहाँ नेशलल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के जरिये इस पर निगरानी भी की जा सकती है.

मंकीपॉक्स के जान लीजिये लक्षण

  • तेज बुखार होना.
  • सिर में तेज दर्द होना.
  • मांसपेशियों में दर्द होना.
  • पीठ में असहनीय दर्द होना.
  • गले की ग्रन्थियों में सूजन होना.
  • थकान के साथ शरीर का कांपना.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मंकीपॉक्स एक तरह की जूनेटिक बिमारी है. मंकीपॉक्स ने ना सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के चिकित्सकों के लिए चिंता खड़ी कर दी है. इसकी रोकथाम के लिए की जा रही तैयारियों में अब भारत ने भी काम शुरू कर दिया है.