Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
- वेब स्टोरीज
डिप्रेशन एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जो चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं की तुलना में ज्यादा लोगों को परेशान करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब इस बीमारी का इलाज किया जाता है तो आपके मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ता है? शोधकर्ताओं ने डिप्रेशन के उपचार के तरीके रिपिटेटिव ट्रांसक्रैनाल मैगनेटिक स्टिमुलेशन (rTMS) से दिमाग पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाया है। आइए जानते हैं क्या होता है मस्तिष्क के साथ।
अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकेट्री में प्रकाशित इस शोध के निष्कर्ष सेंटर फॉर ब्रेन हेल्थ के एक सामूहिक प्रयास का नतीजा है। इस शोध में डीएमसीबीएच की शोधकर्ता डॉ. सोफिया फ्रैंगाऊ, डॉ. रेबेका टॉड और डॉ. एरिन मैकमिलन के साथ-साथ यूबीसी एमआरआई रिसर्च सेंटर के सदस्य और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के लौरा बारलॉ शामिल थीं।
rTMS डिप्रेशन के उपचारका एक तरीका है, जो तब प्रयोग में लाया जाता है जब दवाईयां मरीज के ऊपर प्रभावी साबित नहीं होती हैं। ऐसा अनुमान है कि करीब 40 फीसदी लोग, जो गंभीर रूप से डिप्रेशन का शिकार हैं उनपर एंटी-डिप्रेशन की दवाइयां भी काम नहीं करती हैं।
rTMS सत्र के दौरान मरीज की स्कैल्प में एक इलेक्ट्रोमैगनेटिक कोइल वाली डिवाइस लगाई गई थी। ये डिवाइस दर्दरहित मैगनेटिक पल्स दिमाग में छोड़ती है, जो मूड कंट्रोल करने वाले दिमाग के हिस्से की तंत्र कोशिकाओं को आराम पहुंचाती है। इस हिस्से को डोरसोलाट्रल प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स कहा जाता है।
चूंकि ये तरीका प्रभावी सिद्ध हुआ है लेकिन कैसे rTMS हमारे दिमाग को प्रभावित करता है इस तंत्र के पीछे का पता अभी तक नहीं लग पाया है।
यूबीसी डिपार्टमेंट ऑफ साइकेट्री एंड रिसर्चर में सहायक प्रोफेसर डॉ. फिडेल विला रोड्रिगज का कहना है कि जब हमने इस शोध की सबसे पहली शुरुआत की थी तो हमारा सवाल बहुत ही सीधा था और हम ये जानना चाहते थे कि जब rTMS उपचार शुरू किया जाता है तो हमारे दिमाग के साथ क्या होता है।
इस सवाल के जवाब की खोज में डॉ. विला और उनकी टीम ने पहले राउंड में rTMS मरीजों को एमआरआई स्कैनर को अंदर से गुजरने को कहा। चूंकि एमआरआई हमारी दिमाग की गतिविधियोंका पता लगा सकता है तो शोधकर्ता हमारे दिमाग में उस वक्त चल रही चीजों को देखने में सक्षम थे।
टीम ने पाया कि डोरसोलाट्रल प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स को आराम पहुंचने से हमारे दिमाग के कई हिस्से सक्रिय हो जाते हैं। ये अन्य हिस्से भाव, प्रतिक्रिया, याददाश्त और दिमाग को कंट्रोल रखने वाली गतिविधियों में शामिल होते हैं।
ये सभी मरीज करीब चार सप्ताह तक rTMS उपचार में शामिल रहे और शोधकर्ताओं की टीम ने उपचार के अंत में डिप्रेशन के हल्के लक्षण वाले मरीजों में ये पता लगाने की कोशिश की आखिर जो हिस्से सक्रिय हुए हैं वो डिप्रेशन से जुड़े हुए हैं।