
... Read More
सांस लेने में तकलीफ के बाद गृह मंत्री अमित शाह हॉस्पिटल में हुए भर्ती।
Amit Shah Health: गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की तबीयत फिर से बिगड़ गई है और उन्हें देर रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, इस बार भी अमित शाह को सांस लेने में तकलीफ के कारण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अस्पताल ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। फिलहाल उनकी सेहत पर विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम नजर बनाए हुई है। कहा जा रहा है कि उनकी हालत स्थिर है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कंप्लीट मेडिकल चेकअप के लिए फिर से एम्स में भर्ती कराया गया है। उन्हें सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले भर्ती कराया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने कहा, "डिस्चार्ज करते समय उन्हें दी गई सलाह के अनुसार, कंप्लीट मेडिकल चेकअप के लिए दोबारा भर्ती कराया गया है।" पहले बताया था कि सांस लेने में दिक्कत होने के बाद शाह को शनिवार रात करीब 11 बजे एम्स में भर्ती कराया गया था।
गौरतलब है कि अगस्त में भी अमित शाह (Amit Shah Health) दो बार हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनकी कोविड-19 जांच की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। डॉक्टर्स की सलाह पर वह अस्पताल में भर्ती हुए थे। उस दौरान भी उन्हें सांस लेने में तकलीफ और चेस्ट इंफेक्शन की समस्या थी। अमित शाह ने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी खुद ट्वीट करके दी थी। शाह 2 अगस्त को ही कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे।
अमित शाह (Amit Shah Health news) को पिछली बार भी सांस लेने में तकलीफ की समस्या (saans lene me takleef ke karan) हुई थी। आखिर किन कारणों से सांस लेने में कठिनाई होने लगती है, इसे जानना भी जरूरी है। खासकर, कोरोना काल के दिनों में सांस लेने में तकलीफ को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है, क्योंकि ब्रीदिंग प्रॉबलम (Breathing problem) कोरोना के मुख्य लक्षणों (Corona symptoms in hindi) में शामिल है। निम्न कारणों से हो सकती है सांस लेने में समस्या-
1 अधिक वजन होना- मोटे लोगों को सांस फूलने की ज्यादा समस्या रहती है। सांस के लिए मस्तिष्क से आने वाले निर्देश का पैटर्न बदल जाता है। बेहतर है कि वजन कम करें। रोज दौड़ें, टहलें, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग जैसे अनुलोम-विलोम, चक्रासन, सर्वांगासन आदि का अभ्यास करें।
2 बेचैनी होना- कोरोना काल में आज लोगों में तनाव, डर, एंग्जायटी, डिप्रेशन, बेचैनी काफी बढ़ गई है। डर की स्थिति में सबसे ज्यादा बेचैनी महसूस होती है। बेचैनी हाइपर-वेंटिलेशन के कारण हो सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सांस लेने लगता है। ओवर-ब्रीदिंग भी सही नहीं है।
3 हार्ट डिजीज- दिल से संबंधित रोग जैसे एन्जाइना, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, जन्मजात दिल में परेशानी या एरीथमिया आदि के कारण भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। दिल की मांसपेशियां कमजोर होने पर वे सामान्य गति से पंप नहीं कर पाती हैं। फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है।
जमीन पर लेट जाएं। अब अपने घुटनों को मोड़ लें और अपने दोनों हाथों को अपनी गर्दन के पीछे ले जाएं। इसके बाद आप हाथों की हथेलियों तथा पैरों से कुछ बल लगाकर अपनी कमर वाले भाग को ऊपर उठाएं। इस स्थिति में आप स्थिर बने रहें। धीरे-धीरे सामान्य रूप से सांस लेते रहें। अब आप धीरे-धीरे कमर को नीचे करें। इसके बाद पैरों को सीधा करें, उसके बाद अपने हाथों को पीछे से आगे सामान्य अवस्था में ले आएं। यह एक चक्र (chakrasana) पूरा हुआ। इस प्रकार आप एक समय में 4 से 5 चक्र पूरे कर सकते हैं।
अमित शाह देर रात चेस्ट इंफेक्शन के कारण एम्स में हुए भर्ती, जानिए इसके लक्षण और उपचार
गृहमंत्री अमित शाह का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव, संपर्क में आए लोगों को जांच कराने को कहा