एचआईवी, एड्स से ग्रस्त लोगों में कोरोना का संक्रमण हो सकता है अधिक घातक : रिपोर्ट

एक शोध में यह बात सामने आई है कि एचआईवी और एड्स से ग्रस्त लोगों में कोरोना का संक्रमण होना घातक साबित हो सकता है। यह अध्ययन पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकतार्ओं द्वारा किया गया है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : May 12, 2021 11:33 PM IST

HIV-AIDS & Risk of Coronavirus: एचआईवी से पीड़ित लोगों का बचना मुश्किल होता है। यह बेहद ही खतरनाक बीमारी है। हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि एचआईवी और एड्स से ग्रस्त लोगों में कोरोना का संक्रमण होना घातक साबित हो सकता है। यह अध्ययन पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकतार्ओं द्वारा किया गया है। इस अध्ययन में यह बात सामने आई है कि एचआईवी से पीड़ित लोगों में कोविड-19 संक्रमण होने का जोखिम (Risk from coronavirus) 24% अधिक होता है । इतना ही नहीं स्वस्थ लोगों की तुलना में एचआईवी से ग्रस्त लोगों में कोरोना से मृत्यु होने का खतरा 78% अधिक होता है।

एड्स होने पर कोरोना अधिक गंभीर हो सकता है

एचआईवी पॉजिटिव आबादी के बीच सबसे कॉमन हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, क्रोनिक प्रतिरोधी फुफ्फुसीय रोग (Pulmonary disease) और क्रोनिक किडनी रोग से ग्रसित लोग भी थे। एचआईवी और एड्स से पीड़ित (HIV-AIDS & Risk of Coronavirus in Hindi) लोगों में उनकी शीरीरिक स्थिति कोविड मामलों की गंभीरता में योगदान कर सकती है। शोधकर्तार्ओं के अनुसार, एंटीवायरल ड्रग्स से एस्ट्रोनॉफिर और प्रोटीन इनहिबिटर, एसएआरएस, कोविड संक्रमण के जोखिम को कम कर सकते हैं और एचआईवी एड्स से पीड़ित लोगों में कोविड से मृत्यु के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में हुए प्रकाशित

पेन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेज से वर्नोन चिंचिल्ली ने कहा, ''जैसा कि महामारी विकसित हुई है, हमने एचआईवी, कोविड को कैटिगराइज करने के लिए पर्याप्त जानकारी प्राप्त की है, जो डेटा की कमी के कारण महामारी की शुरुआत में नहीं किया जा सका था। हमारे निष्कर्षों को रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए मौजूदा केंद्रों का समर्थन है, जो एचआईवी के साथ रहने वाले कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों को प्राथमिकता से कोविड वैक्सीन प्राप्त कराते हैं। इसके लिए उन्होंने पिछले 22 अध्ययनों के आंकड़ों का आकलन किया, जिसमें उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप और एशिया के लगभग 21 मिलियन प्रतिभागियों को निर्धारित किया गया था। ये पता लगाया गया था कि एचआईवी एड्स के साथ रहने वाले लोग और कोविड संक्रमण वाले लोगों में कितना खतरनाक साबित हो सकता है। डब्लूएचओ के अनुसार, दुनिया भर में अनुमानित 38 मिलियन लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं।

साइटिका (पीठ का निचला हिसा) दर्द को कैसे दूर करें? जानें एक्यूपंक्चर, फिजियोथेरेपी और योग थेरेपी से तेज दर्द को दूर करने के उपाय

स्रोत: (IANS Hindi)