Advertisement

हिप इम्प्लांट विवाद: पीड़ित मरीजों को मुआवजा देगी जॉनसन एंड जॉनसन ?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सरकारी समिति ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है और जिन मरीजों अपनी रिप रिप्लेस कराया था उन्हें 20-20 लाख रुपए का मुआवजा दिलवाने की सिफारिश की है।

दुनिया भर से रीकॉल्ड खराब हिप रीप्लेसमेट सिस्टम को भारत में बेचने वाली जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी क्या लगभग 3600 मरीजों को मुआवजा देगी जिन्होंने अपना हिप रीप्लेस कराया था?

अमेरिका से रिजेक्टेड और दुनिया भर से रीकॉल्ड खराब हिप रीप्लेसमेंट सिस्टम को भारत में अपनी सहायक ईकाई के जरिए बेचने वाली जॉनसन एंड जॉनसन के गलती माने जाने के बाद अब इस बात पर विवाद बढ़ सकता है कि क्या कंपनी भारत में उन 3600 मरीजों को मुआवजा देगी जिन्हें खराब सिस्टम बेचे गए थे और इससे उन मरीजों की जान पर बन आई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सरकारी समिति ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है और जिन मरीजों अपनी रिप रिप्लेस कराया था उन्हें 20-20 लाख रुपए का मुआवजा दिलवाने की सिफारिश की है।

Also Read

More News

समिति ने ये सिफारिश की

- कंपनी हरेक प्रभावित मरीज को 20 लाख रुपए मुआवजा दे।

- अगस्‍त 2025 तक सभी मरीजों के खराब सिस्‍टम बदले।

- उन लोगों के नाम जाहिर किए जाएं जिनके यह सिस्‍टम लगा है।

- हरेक मरीज का हर साल चेकअप हो, यह प्रक्रिया 2025 तक चलेगी।

- मंत्रालय इसके लिए एक एक्‍सपर्ट टीम बनाए, जो मरीजों के दावे का निस्‍तारण कराए।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय जांच कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, जो रिपोर्ट जॉनसन एंड जॉनसन ने सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) को सौंपी थी उसमें जनवरी 2014 से जनवरी 2017 के बीच ऐसे 121 मामलों का जिक्र किया था, जिनमें हिप इम्‍प्‍लांट से उल्टा असर हुआ, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार ऐसे सिर्फ 48 मामले की सीडीएससीओ के पास उपलब्‍ध हैं। सीडीएससीओ ने अपनी वेबसाइट पर इसकी एक रिपोर्ट अपलोड की है, जो फरवरी में दाखिल हुई थी और उस रिपोर्ट के मुताबिक घटिया हिप रिप्‍लेसमेंट सिस्‍टम से सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में है और उनमें से चार की मौत भी हो चुकी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस सच्‍चाई को हर किसी से छिपाया कि जिस सिस्टम को वह भारत में बेचने जा रही है, वह रिजेक्टेड है और उसे पूरी दुनिया से 2010 में ही रीकॉल किया जा चुका है। कंपनी ने इस बारे ने न केवल सच्चाई छुपाई बल्कि पीड़ित मरीजों को कोई मुआवजा भी अबतक नहीं दिया है।

Stay Tuned to TheHealthSite for the latest scoop updates

Join us on