... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Published : January 29, 2019 1:32 PM IST
छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह को स्वाइन फ्लू हो गया है। चिकित्सकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी, इस मौसम में ज्यादा एक्टिव होता है यह वायरस। ©Shutterstock.
कांग्रेस नेता और छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह को स्वाइन फ्लू हो गया है। चिकित्सकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उनकी हालत स्थिर है।
उन्हें रविवार को शिमला में 'इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल' में सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया। सोमवार देर शाम पता चला कि उन्हें स्वाइन फ्लू हो गया है।
जारी हो चुका है स्वाइन फ्लूू अलर्ट
राज्य में 44 लोगों में स्वाइन फ्लू पाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि शिमला में 12 और कांगड़ा जिले में 18 मरीजों के इस बीमारी से ग्रसित होने की खबर है। इस वायरस से नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
उत्तराखंड में बीते एक महीने में स्वाइन फ्लू से 11 लोगों की मौत के बाद यहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस वायरस से अधिकतर मौतें देहरादून में हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. ताराचंद पंत ने कहा, “हमने एक अलर्ट जारी कर दिया है और स्वाइन फ्लू के मद्देनजर जरूरी सभी उपाय अपनाए जा रहे हैं।”
यह भी पढ़ें – सर्दियों में बढ़ जाता है स्वाइन फ्लू का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
उत्तराखंड में भी है अलर्ट
उत्तराखंड में जनवरी में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद प्रत्येक दो दिनों के बाद करीब एक व्यक्ति की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। यहां बुधवार को एक डेढ़ वर्षीय बच्चे की निजी अस्पताल में एच1एन1 वायरस से मौत हो गई, जिससे इस पहाड़ी राज्य में तेजी से इस बीमारी के फैलने को लेकर लोग चिंतित हो गए हैं।
स्वाइन फ्लू और जुकाम में अंतर कैसे करना चाहिए, क्या आप जानते हैं ?
ज्यादातर मामले देहरादून के
डॉक्टरों ने कहा कि अधिकतर मामले देहरादून और हरिद्वार से सामने आए हैं, जबकि कुछ लोग उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भी इस वायरस की चपेट में आए हैं। डॉ. पंत ने कहा, “एच1एन1 एक मौसमी इन्फ्लुएंजा की तरह है, जो जुकाम की तरह से ठीक हो सकता है। उम्रदराज, शिशु और मधुमेह से पीड़ित लोग, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनकी हालत बिगड़ सकती है।” यहां से कुल 95 नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए नई दिल्ली भेजा गया था। अबतक, करीब 25 मामलों को पॉजिटिव पाया गया है, जिनमें से 11 अभी भी देहरादून समेत राज्य के विभिन्न जगहों पर अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने कहा, “इलाज के बाद तीन अन्य को उनके घर भेज दिया गया है।”
जरूरी है बचाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दावा किया है कि हर साल दुनिया भर में 50 लाख लोग फ्लू जैसे संक्रामक रोगों से गंभीर रूप से बीमार होते हैं। वहीं करीब ढाई से पांच लाख मौत इसी तरह के रोगों से होती हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर WHO ने सलाह दी है कि फ्लू या इन्फ्लूएंजा के सीजन में भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने अनजाने किसी की छींक-खांसी के कणों से बीमार होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में वायरस हाथों से हवा में फैल सकता है। यही वजह है कि स्कूलों में, मॉल में भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोग ज्यादा बीमार होते हैं।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.