
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : June 8, 2020 8:49 PM IST
"Red meat can be effectively replaced with mushrooms while consuming less fat, cholesterol, and calories", says Dr Batra. Shiitake mushrooms, in particular, can lower cholesterol levels.
High Cholesterol Levels :गुड कोलेस्ट्रॉल हमारे दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। जबकि, बैड कोलेस्ट्रॉल कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क बढ़ा देता है। हाल ही में एक स्टडी में बताया गया कि एशियाई मूल के लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता जा रहा है। इस स्टडी के अनुसार, एशियाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों में हाई-कोलेस्ट्रॉल के मामलों में अधिक तेज़ी देखी गयी। जबकि, दूसरी तरफ पश्चिमी देशों में इसमें गिरावट देखी गयी। (High Cholesterol Levels in Asians)
एक ताज़ा प्रकाशित रिसर्च पेपर में दुनियाभर में लोगों के शरीर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को समझने की कोशिश की गयी है और इससे जुड़े विभिन्न खुलासे किए गए हैं। इम्पीरियल कॉलेज, लंदन के नेतृत्व में आयोजित इस रिसर्च के परिणाम प्रसिद्ध वैज्ञानिक जर्नल, 'नेचर' में छापे गए। इस रिसर्च पेपर का शीर्षक था-, ' ‘Repositioning of the global epicentre of non-optimal cholesterol, यह इस प्रकार की सबसे बड़ी स्टडी है। जिसमें, सैकड़ों रिसर्चर्स ने योगदान दिया। विभिन्न स्टडीज़ और रिसर्च के आधार पर उपलब्ध डेटा से यह पता चलता है कि, दुनिया भर में लगभग 3.9 मिलियन लोगों की मृत्यु हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से हो जाती है। (High Cholesterol Risk in Indians):
हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन या एचडीएल को गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। यह हमारी रक्त धमनियों में ब्लॉकेज को दूर करने का काम करता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है। लेकिन, दूसरी ओर लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन या एलडीएल, बैड कोलेस्ट्रॉल है। धमनियों में इसकी मात्रा अधिक होने से रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। क्योंकि, इससे, धमनियों में ब्लॉकेज आ जाती है। ब्लड सर्कुलेशन मे यह रूकावट कार्डिएक अरेस्ट और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है। इसका मतलब है कि, बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल जितना हाई होगा। हार्ट अटैक का डर उतना ही अधिक होगा।
इस रिसर्च के लिए 102.6 मिलियन व्यक्तियों के डेटा का उपयोग किया गया और 1980 से 2018 तक 39-वर्ष की समयावधि में 200 देशों में कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच की गई। इस स्टडी में एशिया और खासकर भारत के लोगों के बारे में इस तरह के खुलासे किए गए-