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Hypertension And Corona: क्या हाई बीपी के मरीजों को है कोरोना संक्रमण का अधिक रिस्क, जानें BP के होनेवाले उतार-चढ़ाव के कारण, जोखिम और इलाज

हाई ब्लड प्रेशर एक कॉमन लाइफस्टाइल डिजिज है जो अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ा सकता है। वहीं, कुछ समय पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस से संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन के मरीजों को है।

Hypertension And Corona: हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप एकगम्भीर लाइफस्टाइल डिजिज है जिसके मरीजों की संख्या विश्वभर में बहुत अधिक है। वहीं, हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए कोविड संक्रमण का रिस्क भी बहुत अधिक होने के दावे किए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा उच्च रक्तचाप (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन (Hypertension) के मरीजों को अधिक है। ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों (High Blood pressure) को अपना ब्लड प्रेशर नियमित (Fluctuating Blood Pressure) रूप से जांचने और दवाओं का सेवन करते रहना बेहद जरूरी है। इसके बाद डायबिटीज (Diabetes), कैंसर, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (Cardiovascular diseases), क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज से ग्रस्त लोगों में भी कोविड-19 (Covid-19 Infection) संक्रमण का खतरा होता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, वुहान शहर (चीन) में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि चीन में जितनी भी मौतें कोविड-19 के कारण हुई हैं, उनमें से लगभग 50 फीसदी लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन (Hypertension) की समस्या थी। भारत में भी हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित (High BP Patients in India) लोगों की संख्या अधिक है। आज इस कोरोना काल में लोगों में तनाव (stress), एंग्जायटी (anxiety) इस कदर बढ़ रहा है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या (High blood pressure problem) आम होती जा रही है। ऐसे में हाइपरटेंशन के मरीजों को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है।

हाई ब्लड प्रेशर और कोविड-19 (High BP & Coronavirus)

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, हाइपरटेंशन से ग्रस्त लोगों में कोरोना से होने वाली मौत की दर लगभग 8.4 प्रतिशत है। भारत में रहने वाले ज्यादातर लोगों को उच्च रक्त चाप की समस्या है। ऐसे में इन्हें खुद को कोरोना से बचाकर रखने के लिए खास उपाय अपनाने होंगे। आप बीमार लोगों से दूर रहें। समय पर अपनी दवाएं लें। भीड़-भाड़ में ना जाएं। अपनी दवाओं का पूरा स्टॉक रखें। हैंड हाइजीन का ख्याल रखें। बाहर जाते भी हैं, तो मास्क पहनें।

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क्या है हाइपरटेंशन (What is Hypertension)

हाइपरटेंशन को हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप भी कहते हैं। हाइपरटेंशन में धमनियों में रक्त का दबाव काफी बढ़ जाता है और धमनियों में रक्च संचार सही तरीके से बनाए रखने के लिए हृदय को अधिक कार्य करना पड़ता है। मुख्य रूप से अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स, एंग्जायटी, तनाव के कारण उच्च रक्तचाप की समस्या होती है। साथ ही मोटापा, पर्याप्त नींद ना लेना, गुस्सा करने से भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। इन वजहों से शरीर में रक्त के दबाव (Blood pressure) का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो जाता है। आजकल ये 30 से 35 वर्ष के लोगों में भी कॉमन होता जा रहा है। हाइपरटेंशन से शरीर का कोई भी अंग प्रभावित हो सकता है। आपको ब्रेन हैमरेज, हार्ट अटैक हो सकता है।

बीपी में उतार-चढ़ाव होने से क्या होता है?

जब आपका ब्लड प्रेशर लगातार घटता-बढ़ता रहता (Fluctuating Blood Pressure) है, तो हाइपरटेंशन की समस्या होती (What happens if BP fluctuates) है। हाई ब्लड प्रेशर होने पर प्रति मिनट दिल की धड़कनें 50 से 70 तक बढ़ जाती हैं। शराब या तंबाकू का सेवन करने वालों में लगभग 5-15 एमएम रक्त चाप होता है। इन चीजों का सेवन करने वालों को प्रत्येक छह महीने पर ब्लड प्रेशर की जांच करवानी चाहिए। नमक का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए। हर दिन टहलना चाहिेए। इससे आप स्वस्थ और फिट बने रह सकते हैं।

बीपी में उतार-चढ़ाव के कारण (Causes of fluctuations in BP)

कई कारणों से ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव होता है, जैसे-

  • स्ट्रेस  (Fluctuating Blood Pressure)
  • व्हाइट-कोट सिंड्रोम
  • मेडिकेशन
  • एक्टिविटी जैसे एक्सरसाइज करना
  • कुछ विशेष प्रकार के खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ

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ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव के जोखिम (Risk Factors)

  • हाई लेवल स्ट्रेस
  • एंग्जायटी
  • उन ब्लड प्रेशर दवाओं का सेवन करना जो असरदायक नहीं
  • तंबाकू का सेवन
  • शराब का अधिक सेवन
  • नाइट-शिफ्ट वर्क
  • डायबिटीज
  • प्रेग्नेंसी  (Fluctuating Blood Pressure in hindi)
  • डिहाइड्रेशन
  • कार्डियोवैस्कुलर डिजीज
  • थायरॉएड और नर्वस सिस्टम से संबंधित समस्या
  • किडनी डिजीज

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ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव का इलाज (Fluctuating BP Treatment)

  • ब्लड प्रेशर (blood pressure level) को लगातार मॉनिटर करते रहें।
  • लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव लाएं।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का ही सेवन करें।
  • वजन को कंट्रोल में रखें। (managing weight)
  • लगातार एक्सरसाइज करें।
  • खान-पान से जुड़े नियमों का पालन करें और संतुलित भोजन करें।
  • तनाव से दूर रहें।
  • सोडियम का सेवन कम करें।
  • कैफीन, शराब और तंबाकू के सेवन से परहेज करें।

रक्तचाप में उतार-चढ़ाव की जटिलताएं (Complications)

हाइपरटेंशन (Hypertension)

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