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क्रोनिक डिजीज नहीं इस बीमारी की वजह से कोविड हो जाता है गंभीर! दोनों डोज लेने के बाद भी खतरा

हाई ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं, का कोविड के गंभीर रूप पर प्रभाव शरीर में किसी प्रकार की क्रोनिक डिजीज न होने पर भी बना रहता है।

क्रोनिक डिजीज नहीं इस बीमारी की वजह से कोविड हो जाता है गंभीर! दोनों डोज लेने के बाद भी खतरा
क्रोनिक डिजीज नहीं इस बीमारी की वजह से कोविड हो जाता है गंभीर! दोनों डोज लेने के बाद भी खतरा

Written by Jitendra Gupta |Published : July 22, 2022 11:10 AM IST

ब्लड प्रेशर एक ऐसी समस्या है, जिसमें आपका ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होता रहता है। अगर आपको ये परेशानी है तो आपको ओमिक्रोन से होने वाले कोविड का खतरा दोगुना है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जर्नल में हाइपरटेंशन पर प्रकाशित एक नए शोध के मुताबिक, वैक्सीन की दोनों डोज और बूस्टर डोज भी लेने वाले लोग, जिन्हें बीपी की समस्या है, उन्हें कोविड से अस्पताल में भर्ती होने का खतरा दोगुना है। ये अध्ययन दिसंबर 2021 से अप्रैल 2022 के बीच लॉस एंजेलस में कोविड से अस्पताल में भर्ती मरीजों के विश्लेषण पर आधारित है।

क्रोनिक डिजीज न होने पर खतरा

हाई ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं, का कोविड के गंभीर रूप पर प्रभाव शरीर में किसी प्रकार की क्रोनिक डिजीज न होने पर भी बना रहता है। इन क्रोनिक डिजीज में शामिल हैं टाइप-2 डायबिटीज, किडनी डिजीज और हार्ट फेल्योर।

क्या कहते हैं शोधकर्ता

अध्ययन के मुख्य लेखक और लॉस एंजेल्स स्थित सेडार्स-सिनाई मेडिकल सेंटर के स्मिड्ट हार्ट इंस्टीट्यूट के क्लीनिक्ल एनालिटिक निदेशक और कार्डियोलॉजी के सहायक प्रोफेसर जोसेफ ई. इबीन्गर का कहना है कि ये निष्कर्ष इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अमेरिका में आधे से ज्यादा लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है।

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70 फीसदी तक कम होता है खतरा

कोविड वैक्सीन से मौत का खतरा कम हो जाता है और साथ ही महामारी के शुरुआती इंफेक्शन के सबसे गंभीर दुष्प्रभावों को भी कम करने में मदद मिलती है। इजरायल में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, कोविड इंफेक्शन की बूस्टर डोज गंभीर रूप से होने वाली बीमारी को 70 फीसदी तक कम करने में मदद करती है। हालांकि दोनों डोज और बूस्टर डोज लेने वाले बहुत से लोगों को भी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा खासकर तब, जब ओमिक्रोन वेरिएंट की शुरुआत हुई थी।

2021 में आया था पहला मामला

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, ओमिक्रोन वेरिएंट का सबसे पहला मामला दिसंबर 2021 में अमेरिका में ही सामने आया था और उसके बाद से ये वेरिएंट अभी भी नए स्ट्रेनसे लोगों को परेशान कर रहा है। बता दें कि जुलाई 2022 तक ओमिक्रोन के 7 सबवेरिएंट सामने आ चुके हैं।

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इस लिए किया गया ये अध्ययन

शोधकर्ताओं की टीम ने हालांकि ये नहीं बताया है कि इस अध्ययन में शामिल लोग किस ओमिक्रोन सबवेरिएंट का शिकार हुए थे। शोधकर्ताओं ने ये समझने के लिए इस अध्ययन को किया कि कैसे कोविड के गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होना पड़ा जबकि लोगों ने कोविड की दोनों डोज ली हुई थी और बूस्टर डोज भी लगवा चुके थे।

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