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अगर बच्चे बहुत छोटे हो या फिर नवजात हो तो उन्हें गिलोय देना बहुत खतरनाक होगा। © Shutterstock
गिलोय डेंगू और चिकुनगुनिया से बचाने वाला स्वास्थ्यवर्धक हथियार है। पर यह बीमार व्यजक्ति के लिए जितना फायदेमंद है, छोटे बच्चोंल के लिए उतना ही खतरनाक। इसलिए गिलोय लेने से पहले यह जरूर जान लें कि गिलोय की कितनी मात्रा किसे देनी चाहिए।
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आयुर्वेदिक औषधि है गिलोय
गिलोय एक बेहतरीन और कारगर आयुर्वेदिक दवा के रूप में काफी लाभदायक है। लोग इसका सेवन अमृत मानकर किए चले जा रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि जिनके घर में गिलोय, एलोवेरा और तुलसी का पौधा हो वह हर समय स्वस्थ रहते हैं। इसके पत्ते पान के पत्तों की तरह होते हैं और यह चिपचिपा होता है। इसे दिव्य औषधि भी माना जाता है। यह एक ऐसा पौधा है जो कभी भी समाप्त या नष्ट नहीं होता बल्कि इसके छोटे से टुकड़े से भी एक अलग पौधा निकल सकता है।
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गुणों से भरपूर है गिलोय
बच्चों के लिए कितना गिलोय है खतरनाक
इस बात का ध्यान दें कि एक वयस्क को एक दिन में एक ग्राम से ज्यादा गिलोय नहीं लेनी चाहिए। गिलोय को अगर ज्यादा मात्रा में ली गई तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। अगर बच्चे बहुत छोटे हो या फिर नवजात हो तो उन्हें गिलोय देना बहुत खतरनाक होगा। पांच साल की उम्र के बाद बच्चों को गिलोय देने में कोई बुराई नहीं है। इसलिए छोटे बच्चों को एक दिन में 250 मिलीग्राम से अधिक गिलोय बिल्कुल भी न दें।
गिलोय को कैसे लें
यह आपके चाहने पर निर्भर करता है कि आप गिलोय को किस तरह पीना चाहते हैं। यूं तो आप गिलोय को पाउडर, जूस या फिर कैप्सूल के रूप में भी लें सकते हैं लेकिन इसे आप पाउडर के रूप में लेंगे तो आपको सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा।