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दिल से जुड़ी बीमारियां 30 के बाद महिलाओं में याददाश्त को कर सकती हैं कमजोर! शोध में हुआ चौंका देने वाला खुलासा

दिल से जुड़ी बीमारियां 30 के बाद महिलाओं में याददाश्त को कर सकती हैं कमजोर! शोध में हुआ चौंका देने वाला खुलासा

'न्यूरोलॉजी जर्नल' में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि 30 से 50 उम्र के बीच महिलाओं को होने वाली ह्रदय संबंधी समस्याओं के कारण याददाश्त संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।

Written by Jitendra Gupta |Published : January 9, 2022 1:13 PM IST

अगर आप सोचते हैं कि पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ह्रदय संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है तो इस बात को जान लीजिए कि महिलाओं को दूसरे दर्द भी झेलने पड़ते हैं। एक नए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि हृदय रोगों के कारण महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले सोचने की शक्ति और याददाश्त पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ता है। 'न्यूरोलॉजी जर्नल' में प्रकाशित हुए इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि 30 से 50 उम्र के बीच महिलाओं को होने वाली ह्रदय संबंधी समस्याओं के कारण याददाश्त संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं और ये जुड़ाव पुरुषों की तुलना में बहु ज्यादा है।

याददाश्त में कमी का कारण बनती हैं ये समस्याएं

रोचेस्टरमें मेयो क्लिनिक के पीएचडी, अध्ययन के मुख्य लेखक और अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के सदस्य मिशेल एम. मील्के का कहना है कि इस अध्ययन में हमने विशेष रूप से इस बात का पता लगाया कि कुछ हृदय संबंधी स्थितियां, जैसे कि डायबिटीज, हृदय रोग और डिस्लिपिडेमिया पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में याददाश्त में कमी का सबसे बड़ा कारण बनती हैं।

कैसे हुआ ये अध्ययन

अध्ययन की शुरुआत में 50 से 69 वर्ष की आयु के 1,857 लोगों को शामिल किया गया, जो कि डिमेंशिया का शिकार नहीं थे। इन लोगों को करीब तीन साल तक हर 15 महीने में क्लीनिकल जांच के लिए बुलाया गया। इसमें उनकी याददाश्त का पता लगाने के लिए याददाश्त, भाषा, कार्यकारी गतिविधियां और दूसरी चीजों से जुड़े 9 टेस्ट किए गए।

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क्या निकला निष्कर्ष

अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि कुल मिलाकर 1,465 लोगों यानि के 79 प्रतिशत प्रतिभागियों में हृदय रोग कम से कम एक जोखिम कारक के रूप में मौजूद था। वहीं बात करें पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की तो 83 फीसदी महिलाओं में ये एक प्रमुख जोखिम कारक रूप में पाया गया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि महिलाओं में ह्रदय रोग संबंधी स्थितियां याददाश्त में कमी से ज्यादा जुड़ी हुई हैं।

इसके अलावा उन्होंने पाया कि डायबिटीज, हृदय रोग, और ब्लड कोलेस्ट्रोल भी महिलाओं में ज्यादा पाया गया।

शोधकर्ताओं ने ये भी कहा कि इन सब चीजों का लिंग पर कितना बड़ा प्रभाव रहता है इस बात का पता लगाने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।

ये बातें जानना भी जरूरी

शोधकर्ताओं का कहना है कि ये अध्ययन सिर्फ मिनिसोटा तक ही सीमित था इसलिए ये नतीजे दुनियाभर के लोगों पर लागू नहीं होते हैं। अध्ययन में ये भी साफ नहीं हुआ है कि जिन महिलाओं में हृदय संबंधी जोखिम वाले कारक मौजूद हैं, उन्हें अपने जीवन के बीच में याददाश्त में कमी देखने को मिल सकती है। हां, इसमें जुड़ाव देखा गया है।

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