इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को दूसरी बार हो सकता है कोरोना

कोरोनावायरस से पूरी दुनिया प्रभावित है। दिन-ब-दिन संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में स्थिति भले ही सुधारजनक हो, लेकिन इसके बढ़ने का खतरा अभी भी है। इस बीच आईसीएमआर ने एक गाइडलाइन जारी किया है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : July 4, 2020 11:14 AM IST

Coronavirus : दुनियाभर के देशों में कोरोनावायरस काफी तेजी से फैल रहा है। इस वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। भारत में भले ही रिकवरी रेट ज्यादा हो, लेकिन अभी भी इसके बढ़ने का डर लोगों के मन में बैठा हुआ है। अब इसे लेकर ICMR ने लोगों को सतर्क किया है कि कोरोनावायरस (Coronavirus) से सबसे अधिक खतरा शुगर, बीपी और दिल के मरीजों को है।

अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि जो लोग हाई बीपी और दिल से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं और कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित हो चुके हैं। उन व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इन व्यक्तियों को कोरोनावायरस दोबारा अपनी चपेट में ले सकता है।

चीन के होंजहोंग यूनिवर्सिटी के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में यह अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में वुहान अस्पताल में भर्ती 938 मरीजों के डाटा को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मरीजों के फेफड़ों से कोरोना का संक्रमण पूरी तरह ठीक नहीं होता। टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने पर लोगों को स्वस्थ मान लिया जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद कोरोनावायरस इन मरीजों पर दोबारा हमला कर सकता है। साधारण मरीजों की तुलना में हार्ट और हाई बीपी के मरीजों के लिए ये स्थिति अधिक घातक हो सकती है।

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कोरोनावायरस नाक, गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। लेकिन जो लोग पहले से हार्ट, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उन लोगों पर कोरोनावायरस आसानी से हमला कर सकता है। शरीर में पहले से मौजूद बीमारियों की वजह से इस स्थिति से उबरना काफी मुश्किल होता है। वहीं, दूसरी बार हमला हो जाए तो शरीर हिम्मत हार जाता है।

आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च) ने गाइडलाइंस जारी करते हुए स्पष्ट उल्लेख किया है कि लंबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को अपना खास ध्यान रखना चाहिए। आईसीएमआर ने साफ कहा है कि इन बीमारियों से ग्रसित होने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि कोरोना संक्रमण होगा ही। इसके बाद बताया गया है कि इन मरीजों को डॉक्टर्स द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित रूप से सेवन करते रहना चाहिए।

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