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पेट के बल सोना, इस एक बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए हो सकता है खतरनाक

एक शोध के मुताबिक, जो लोग पेट के बल सोते हैं, उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शोध में कहा गया है कि पेट के बल सोने वाले मिर्गी से ग्रस्त मरीजों में आकस्मिक मौत का खतरा ज्यादा होता है।

पेट के बल सोना, इस एक बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए हो सकता है खतरनाक
पेट के बल सोने के नुकसान। © Shutterstock.

Written by Anshumala |Published : March 5, 2019 3:31 PM IST

प्रॉपर नींद हेल्दी रहने के लिए बेहद जरूरी है। भरपूर नींद लेने से न सिर्फ आप मानसिक रूप से खुश रहते हैं बल्कि काम करने की क्षमता में भी बढ़ोत्तरी होती है। डॉक्टर्स के मुताबिक, एक व्यक्ति को एक दिन में कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। अगर आप पर्याप्त नहीं सोते हैं तो आपकी यह आदत जिंदगी के लिए घातक साबित हो सकती है। इससे आपको कई बीमारियां घेर लेंगी और अनिंद्रा जैसी समस्या भी उत्पन्न हो जाएगी।

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इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी है कि सोने का आपका तरीका सही हो। यदि आप पेट के बल सोते हैं, तो इस तरह से सोना छोड़ दें। एक शोध के मुताबिक, जो लोग पेट के बल सोते हैं, उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शोध में कहा गया है कि पेट के बल सोने वाले मिर्गी से ग्रस्त मरीजों में आकस्मिक मौत का खतरा ज्यादा होता है। यह ठीक उसी तरह है जैसे यह शिशुओं की आकस्मिक मृत्यु।

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शिकागो यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में शामिल शोधकर्ता जेम्स ताओ के अनुसार, अनियंत्रित मिर्गी में मौत का मुख्य कारण आकस्मिक मृत्यु है। आमतौर पर यह सोने के दौरान ही होती है। इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने 25 अध्ययनों की समीक्षा की, जिसमें शामिल 253 आकस्मिक मृत्यु के मामलों में लोगों की शारीरिक स्थिति को दर्ज किया गया।

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दरअसल, मिर्गी मस्तिष्क संबंधी बीमारी है, जिसमें मरीज को बार-बार दौरे पड़ते हैं। विश्व भर में लगभग पांच करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। इस अध्ययन के मुताबिक, पेट के बल सोने की स्थिति के मामलों में 73 प्रतिशत लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 प्रतिशत लोगों के सोने की स्थिति अलग थी। शिशुओं के मामलों की तरह ही वयस्कों में अक्सर दौरे के बाद जागने की क्षमता नहीं होती। विशेष रूप से सामान्य दौरे में।

ताओ के मुताबिक, “हमारे अध्ययन में मिर्गी से आकस्मिक मौत से बचाव के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति को बताया गया है। ‘कमर के बल सोना’ ही यह महत्वपूर्ण रणनीति है। कलाई घड़ी और बेड अलार्म के इस्तेमाल से सोने के दौरान इस तरह की मृत्यु से बचाव में मदद मिल सकती है।”

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