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Pandemic effect on children: कोरोना के कारण करीब 60% बच्‍चे हुए ओबेसिटी के शिकार, बढ़ गया है एंग्‍जाइटी का खतरा

कोरोनावायरस से सिर्फ एडल्‍ट ही नहीं बल्कि बच्‍चे भी प्रभावित (Pandemic effect on children) हुए हैं। एक्‍सपर्ट के अनुसार कोविड-19 के चलते बच्‍चों में ओबेसिटी (Obesity in children) और मोटापे की समस्‍या करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

Pandemic effect on children: कोरोना के कारण करीब 60% बच्‍चे हुए ओबेसिटी के शिकार, बढ़ गया है एंग्‍जाइटी का खतरा
कोरोना टाइम के चलते बच्‍चे तेजी से कोरोना के शिकार हुए हैं।

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : March 23, 2021 10:55 AM IST

कोरोनावायरस का जितना असर लोगों के कामकाज और सोशल लाइफ पर पड़ा है उससे कई गुना ज्‍यादा हेल्‍थ पर पड़ा है। और इससे सिर्फ उम्रदराज लोग या एडल्‍ट ही नहीं बल्कि बच्‍चे भी प्रभावित (Pandemic effect on children) हुए हैं। एक्‍सपर्ट के अनुसार कोविड-19 के चलते बच्‍चों में ओबेसिटी (Obesity in children) और मोटापे की समस्‍या करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके पीछे संभावित कारणों में बच्‍चों का अधिक मात्रा में जंक फूड का सेवन, सोशलाइजेशन का अभाव और किसी तरह की फिजिकल एक्‍टीविटी न कर पाना है। जब बच्‍चे स्‍कूल-ट्यूशन जाते हैं, घर का बना खाना खाते हैं और थोड़ी बहुत एक्‍सरसाइज करते हैं तो उनका शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर होता है साथ ही बच्‍चे मोटापे का शिकार भी नहीं होते हैं।

22 में से 20 को है ओबेसिटी

नेशनल फैमिली हेल्‍थ सर्वे ने बच्‍चों की स्थिति जानने के लिए 22 राज्‍यों में सर्वे किया गया है। जिसमें यह पता चला है कि कोरोना टाइम के चलते बच्‍चे तेजी से कोरोना के शिकार हुए हैं। सिर्फ यही नहीं बच्‍चों में कई विटामिंस और जरूरी पोषणों की भी कमी देखी गई है। एक्‍सपर्ट के अनुसार बच्‍चों में ओबेसिटी की समस्‍या बढ़ना सरकार के लिए एक चिंताजनक विषय होना चाहिए। हाल ही में लॉन्‍च पोषण मिशन के तहत बच्‍चों की हेल्‍थ पर फोकस किया जाना चाहिए।

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ये चीजें बढ़ाती हैं ओबेसिटी की समस्‍या

नमकीन, बिस्‍कुट, ब्रेड, नूडल्‍स, बन, चॉकलेट, कुकुीज, आइसक्रीम, फ्राइड स्‍नेक्‍स, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स और केक ऐसी चीजें हैं जो बच्‍चे सबसे ज्‍यादा पंसद करते हैं और ये चीजें उन्‍हें ओबेसिटी की ओर धकेलती हैं। पब्लिक हेल्‍थ न्‍यूट्रीशन एंड डेवलपमेंट सेंटर के डायरेक्‍टर डॉक्‍टर Sheila Vir का कहना है कि ये आइटम कॉर्बोहाइड्रेट, शुगर और फैट में हाई होते हैं। इसलिए इन चीजों के सेवन से बच्‍चों को दूर रखना चाहिए। बच्‍चों की जिद्द पर पेरेंट्स को इन आइटम को देने के बजाय हेल्‍दी चीजें देनी चाहिए।

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बच्‍चों में बढ़ गया है एंग्‍जाइटी का खतरा

एक्‍सपर्ट यह भी कह रहे हैं कि न्‍यूट्रीशन और जरूरी पोषण की कमी के चलते बच्‍चों में तनाव और एंग्‍जाइटी का खतरा भी बढ़ा है। जब बच्‍चे अपने रोज के शेड्यूल के बाद खेलते हैं या अपनी उम्र के बच्‍चों के साथ वक्‍त बिताते हैं तो वो मेंटली फिट रहते हैं। लेकिन कोरोना के चलते पेरेंट्स लगातार बच्‍चों को घर पर रहने की सलाह दे रहे हैं (जो सही भी है), जिससे बच्‍चों का मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य प्रभावित हुआ है। साथ ही अपनी बातें किसी के साथ शेयर न पाना, खेलकूद का अभाव और दोस्‍तों के साथ घूमने फिरने से बच्‍चे मेंटली फिट रहते हैं। जो कोरोना महामारी के दौरान नहीं हो पाया है।