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देश में हेल्थ केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने में हेल्थ केयर की कितनी भूमिका? एक्सपर्ट्स से जानें जवाब

Health Summit 2024: देश के हेल्थ केयर सिस्टम में प्राइवेट सेक्टर का एक बड़ा हिस्सा रहा है। हेल्थ सम्मिट के दौरान पूछे गए सवालों में डॉक्टर्स ने भी इस बारे में कई महत्वपूर्ण जवाब दिए।

देश में हेल्थ केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने में हेल्थ केयर की कितनी भूमिका? एक्सपर्ट्स से जानें जवाब

Written by Mukesh Sharma |Published : February 24, 2024 2:35 PM IST

Role of private sectors in healthcare system of india: कोई भी दे तब मजबूत होता है, जब उसकी जनता मजबूत होती है, क्योंकि जब लोग स्वस्थ यानी हेल्दी होंगे तभी तो वे काम करके देश की इकोनॉमी को आगे बढ़ाएंगे। देश की जनता की अच्छी हेल्थ के लिए एक सही हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का होना जरूरी है। ताकि हर किसी को समय पर सभी हेल्थ सुविधाएं मिल सकें। इस बात में भी कोई शक नहीं है कि किसी देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर उसकी इकोनॉमी की रीढ़ की हड्डी होता है। अगर किसी देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर है, तो उसकी इकोनॉमिक हेल्थ का ठीक होना भी मुश्किल हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस बारे में अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। Thehealthsite.com द्वारा ऑर्गेनाइज की गई Health summit 2024 डॉक्टर डॉक्टर सुनील कोहली और डॉक्टर शफीक अहमद ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी। डॉक्टर कोहली दिल्ली के हमदर्द इंस्टीट्यूट में एमडी, प्रोफेसर हैं और डॉक्टर अहमद बीएलके-मैक्स हॉस्पिटल में डायरेक्टर हैं और यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी व रिनल ट्रांस्पलांट एक्सपर्ट हैं। चलिए जानते हैं डॉक्टर देश के हेल्थ केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका पर अपनी क्या राय रखते हैं।

डॉक्टर सुनील कोहली का मानना है कि पिछले कुछ सालों में देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी एडवांसमेंट हुई है, खासतौर पर कोविड के बाद इसमें काफी बदलाव देखने को मिला है। पब्लिक और प्राइवेट दोनों ही सेक्टर में काफी सुधार आया है उनकी प्रोसेस भी पहले से ज्यादा बढ़ी है। पहले की तुलना में हमारी मैन्युफैक्चरिंग में भी काफी सुधार आया है। हम वो देश थे जो पीपीई बनाते ही नहीं थे और दूसरे देशों से आयात करते थे। फिर हमने पीपीई को बनाया भी और दूसरे देशों में निर्यात भी किया।

डॉक्टर शफीक अहमद का मानना है कि एक बड़े देश होने के नाते हमारे पास देशभर में हम बराबर रूप से सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी अलग-अलग बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, जिसमें कम्युनिकेबल और नोन कम्युनिकेबल डिजीज दोनों ही शामिल हैं। वहीं डॉक्टर अहमद मानते हैं कि आज के समय में हर हेल्थ का खतरा हर सामान्य व्यक्ति की जेब से ऊपर बढ़ता जा रहा है, जिससे काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।

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वहीं डॉक्टर सुनील कोहली से जब सवाल पूछा गया है कि हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के मामलों में हम दुनिया में एक सुपर पावर के रूप में उभर रहे हैं। इसपर डॉक्टर कोहली ने बताया कि कुछ हेल्थ केयर के कुछ क्षेत्रों में हम हम एक सुपर पावर के रूप में उभर रहे हैं। डॉक्टर सुनील कोहली का मानना है कि हमारे हेल्थ केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्राइवेट सेक्टर दुनियाभर को कॉम्पिटिशन दे रहा है। हेल्थ केयर में हमारे देश का प्राइवेट सेक्टर काफी आगे बढ़ चुका है। डॉक्टर सुनील कोहली के अनुसार लगभग 58 प्रतिशत हॉस्पिटल और लगभग 81 प्रतिशत डॉक्टर हेल्थ केयर के प्राइवेट सेक्टर से ही जुड़े हुए हैं।