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Written By: Agencies | Published : September 10, 2014 7:03 PM IST
जानलेवा इबोला के मरीजों में आशा की एक नई उम्मीद जगी है। बूस्टर टीके के साथ इबोला का प्रयोगात्मक टीका बंदरों को 10 महीने तक इबोला से बचाव में प्रभावी पाया गया है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज वैक्सीन रिसर्च सेंटर में अध्ययन प्रमुख नैंसी सुलिवन ने कहा, "प्रारंभिक टीकाकरण से 10 महीने बाद तक चार में से चार बंदर संक्रमण से सुरक्षित रहे। प्राथमिक और बूस्टर टीके से यह संभव हो पाया।"
अध्ययन के दौरान पाया गया कि इस टीके का प्रभाव मानवों पर चल रहे चिकित्सकीय परीक्षण वाले टीके के समान ही है। इबोला का पहला टीका एडिनोवायरस टाइप 3 चार में से दो बंदरों को इबोला से बचाव करने में सक्षम रहा।
इसके बाद शोध दल ने एक अतिरिक्त टीका लगाया।
उन्होंने चार बंदरों को एडिनोवायरस टाइप 3 टीके लगाए, इसके आठ सप्ताह बाद उन्हें बूस्टर टीका लगाया गया। परिणामस्वरूर सभी चारों बंदर 10 महीने तक इबोला से सुरक्षित रहे।
यह अध्ययन पत्रिका 'नेचर मेडिसिन' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
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चित्र स्रोत: Getty Images
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