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विश्व आयुर्वेद कांग्रेस (डब्ल्यूएसी) में भारी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना को देखते हुए छठे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस में 20 विशेष क्लीनिक स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की प्रभावशीलता का प्रदर्शन किया जा सके। प्रगति मैदान में छह नवंबर से शुरू होने जा रहे छठे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के आयोजकों ने शुक्रवार को कहा कि इन क्लीनिकों में से 14 क्लीनिक आयुर्वेद के होंगे और यूनानी, होम्योपैथी, सिद्ध, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और सोवारिग्पा/आमची चिकित्सा पद्धति के एक-एक क्लीनिक होंगे।
आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) के प्रमुख चिकित्सक सहयोगी कर्मचारियों की मदद से दर्शकों को नि:शुल्क परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराएंगे। आयोजकों के अनुसार, चिकित्सकों द्वारा श्वसन, मूत्र, तंत्रिका विज्ञान, मानसिक, जठरांत्र, त्वचा विकारों, जोड़ों के दर्द, मोटापा और मधुमेह जैसे रोगों से पीड़ित रोगियों को परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आयुर्वेद के फार्मासिस्ट के अलावा, बाल चिकित्सा, ईएनटी, और बुढ़ापा क्लीनिक की सुविधा भी होगी। ये सभी क्लीनिक छह से आठ नवंबर तक सुबह साढ़े 11 बजे से रात के साढ़े सात बजे तक काम करेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आयुष विभाग, और दिल्ली सरकार के सहयोग से इस कांग्रेस का आयोजन कर रहे विश्व आयुर्वेद फाउंडेशन के ए. जयकुमार ने कहा, 'स्पेशियलिटी क्लीनिक विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के सभी संस्करणों में काफी लोकप्रिय रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'यहां लोग अपनी बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेने के लिए लंबी कतार में खड़े रहते हैं। हमें दिल्ली संस्करण में भी काफी संख्या में लोगांे के आने की उम्मीद है।'
उन्होंने कहा, 'हम इस वर्ष के एक्सपो में चार लाख से अधिक लागों के आने की उम्मीद कर रहे हैं। इस एक्सपो में व्यापक बिक्री, व्यापारिक कारोबार तथा सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों से खरीददारों और विक्रेताओं की उपस्थिति के कारण दर्शकों को अद्वितीय आनंद हासिल होगा।' आयोजन के दौरान ही केंद्रीय जन जाति कल्याण मंत्री जुअल ओराम के द्वारा 'पारंपरिक चिकित्सकों' के दो दिवसीय गोलमेज सम्मेलन के उद्घाटन की योजना है। जयकुमार ने कहा, 'पारंपरिक चिकित्सकों के सम्मेलन ने बेंगलुरू में चौथी विश्व आयुर्वेद कांग्रेस (जहां इसे पहली बार शुरू किया गया था) और भोपाल में पांचवीं कांग्रेस में लोगों का ध्यान आकर्षित किया था।'
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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