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Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:49 AM IST
मस्तिष्क कैंसर के इलाज में बिच्छू का विष कारगर साबित होगा। क्योंकि बिच्छू के जहर से बने 'ट्यूमर पेंट' के मानव परीक्षण के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से मंजूरी वैज्ञानिकों को मिल गई है। समाचार चैनल एबीसी न्यूज डॉट कॉम की रपट के मुताबिक, परीक्षण के पहले दौर में ट्यूमर पेंट का इस्तेमाल ग्लिओमा (मस्तिष्क या मेरुदंड का ट्यूमर) से पीड़ित 21 मरीजों पर होगा।
इस उत्पाद का निर्माण अमेरिका की ब्लेज बायोसाइंस नाम की कंपनी ने किया है। कैंसर कोशिकाओं की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में ट्यूमर पेंट सहायता करेगा, जिससे न सिर्फ कैंसर का बेहतर तरीके से निदान हो सकेगा, बल्कि कैंसर की संपृूर्ण और बेहतर सर्जरी भी संभव हो सकेगी। ट्यूमर पेंट का विकास इजरायल के खतरनाक बिच्छुओं के जहर से किया गया है। सिएटल चिल्ड्रंस हॉस्पिटल में मस्तिष्क कैंसर के विशेषज्ञ जिम ओस्लेन ने कहा, 'ब्लड-ब्रेन बैरियर के कारण किसी भी अणु को मस्तिष्क तक पहुंचाना बेहद कठिन काम है। इसी को ध्यान में रखते हुए इसके विकास के लिए बिच्छू के जहर का विचार आया।'
स्रोत: IANS Hindi
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चित्र स्रोत: Getty images
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