मानसिक स्वास्थ्य विटामिन डी की कमी से होता हैं प्रभावित

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Written By: Agencies | Updated : December 4, 2014 12:46 PM IST

विटामिन डी की कमी न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकता है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। शोधकर्ताओं ने मौसमी अवसाद तथा सूरज की रोशनी की कमी के बीच एक संबंध पाया है। पढ़े: विटामिन डी प्राप्त करने के पाँच प्राकृतिक खाद्द स्रोत

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के कॉलेज ऑफ एजुकेशन के ऐलन स्टीवर्ट ने कहा, 'कई कारकों में से एक होने की बजाय, मौसमी अवसाद विकसित होने में विटामिन डी की एक नियंत्रणकारी भूमिका हो सकती है। शोधकर्ताओं ने 100 से अधिक प्रमुख लेखों की समीक्षा की, जिसके दौरान उन्होंने विटामिन डी तथा मौसमी अवसाद के बीच संबंध पाया। स्टीवर्ट ने कहा, 'मौसमी अवसाद एक प्रकार का अवसाद है, जो मौसम में बदलाव से संबंधित होता है।' पढ़े: योग दिलाता है तनाव से राहत

शोधकर्ताओं के मुताबिक, विटामिन डी मस्तिष्क में सेरोटोनिन तथा डोपामिन के निर्माण में भूमिका निभाती है और ये दोनों रसायन अवसाद से संबंधित हैं। यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, विटामिन डी का स्तर प्रति लीटर 50 नैनोमोल्स होनी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के माइकल किमलिन ने कहा, 'अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए शरीर में विटामिन डी का स्तर पर्याप्त होना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'रोजाना कुछ मिनट तक धूप खाने से शरीर में विटामिन डी का स्तर पर्याप्त बना रहता है।' पढ़े: कैल्शियम शरीर के लिए क्यों ज़रूरी होता है?

यह निष्कर्ष पत्रिका 'मेडिकल हाइपोथेसिस' में प्रकाशित हुआ है।

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


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