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Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:30 AM IST
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का एक प्रमुख कारक वैसे तो तंबाकू माना जाता है, लेकिन जीवन में कुछ साधारण एहतियात बरतने से भी कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पोषक आहार, मोटापे पर नियंत्रण और पर्याप्त धूप से कैंसर को दूर रखा जा सकता है।
दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के विनीत तलवार ने कहा कि महिलाओं में जहां कैंसर का कारण हार्मोन्स की अधिकता हो सकता है, वहीं पुरुषों में तंबाकू सेवन कैंसर का प्रमुख कारक है। तलवार ने आईएएनएस को बताया, 'धूम्रपान या चबाने के माध्यम से तंबाकू सेवन पुरुषों में कैंसर के पनपने का प्रमुख कारक है। पुरुषों में 60-70 फीसदी कैंसर के मामले तंबाकू के कारण होते हैं।'
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक कैंसर से होने वाली 30 फीसदी मौत के मामले को तंबाकू सेवन, एल्कोहल, अनियमित आहार, शारीरिक जड़ता और मोटापे पर नियंत्रण के जरिए कम किए जा सकते हैं। महिलाओं में कैंसर की बीमारी समय से पूर्व मासिक धर्म शुरू होने, रजोनिवृति में देरी, मोटापे और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण से हो सकती है।
डब्ल्यूएचओ के आंकड़े के मुताबिक 2005-2015 के बीच 8.4 करोड़ लोग कैंसर का शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। पुरुषों में फेफड़े और मुंह के कैंसर के मामले ज्यादा देखे जाते हैं, जबकि महिलाओं में ग्रीवा और स्तन कैंसर के मामले ज्यादा पाए जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक भारत में प्रतिवर्ष कैंसर के 11 लाख नए मामले सामने आते हैं, जो वैश्विक आंकड़े का 7.8 फीसदी है।
दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पीटल के पेड्रियाटिक हेमेटोलॉजी ऑनकोलॉजी एंड बोन मैरो ट्रांसप्लानेशन इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थ के निदेशक अनुपम सचदेवा ने कहा, 'हमारी जीवनशैली जैसे हमारा आहार, धूम्रपान और एल्कोहल की लत, धूप की कमी, शारीरिक जड़ता, मोटापा और तनाव से भी कैंसर के पनपने का खतरा रहता है।' कोलकाता के ठाकुर पुकुर कैंसर हॉस्पीटल के सोमनाथ सरकार ने आईएएनएस को बताया, 'बचपन से ही स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली की आदत डाले जाने की जरूरत है। स्वस्थ जीवनशैली और पौष्टिक आहार के माध्यम से कम से कम एक तिहाई कैंसर से बचा जा सकता है।'
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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