... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
नीली रोशनी उत्सर्जित करने वाले डायोड (एलईडी) की खोज करने वाले जापान के दो वैज्ञानिकों इसामू अकासाकी और हिरोशी अमानो तथा एक अमेरिकी वैज्ञानिक शूजी नाकामूरा को इस वर्ष का भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। रॉयल स्विडिश अकादमी ने मंगलवार को यह घोषणा की।तीनों वैज्ञानिकों की खोज को प्रकाश प्रदान करने वाली प्रौद्योगिकी में एक नया कदम माना जा रहा है, क्योंकि प्रकाश देने वाला यह नया एलईडी ऊर्जा की काफी बचत करने वाला और पर्यावरण के अनुकूल है।
आकासाकी और अमानो नागोया विश्वविद्यालय में एकसाथ कार्यरत हैं, जबकि नाकामूरा तोकूशिमा में स्थित एक छोटी-सी कंपनी निकिया केमिकल्स में काम करते हैं।नीली रोशनी देने वाले एलईडी की खोज हुए 20 वर्ष हुए, लेकिन आधुनिक समय में यह दूधिया रोशनी प्रदान करने में बेहद उपयोगी हो चुका है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty Images
हि्न्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए और वाद-विवाद में भाग लेने के लिए हमारा फॉरम विज़ट कीजिए।