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Written By: Agencies | Published : October 16, 2014 5:06 PM IST
फुरसत के समय में शारीरिक रूप से सक्रियता आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, सप्ताह में तीन बार हल्के शारीरिक श्रम से अवसादग्रस्त होने की संभावना लगभग 16 फीसदी तक कम होती है। अध्ययन में अवसाद और शारीरिक गतिविधि के बीच दोहरा का संबंध पाया गया। एक तरफ तो साप्ताहिक तौर पर शारीरिक गतिविधि में इजाफा करने वाले लोगों में अवसाद के लक्षण कम पाए गए। दूसरी ओर ऐसे व्यक्ति जिनमें अवसाद के लक्षण अधिक पाए गए वे शारीरिक रूप से कम सक्रिय थे। सबसे बड़ी बात है कि यह प्रवृत्ति युवाओं में अधिक पाई गई। पढ़े: योग दिलाता है तनाव से राहत
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में अध्यापनरत तथा मुख्य शोधकर्ता स्नेहल पिंटो परेरा ने बताया, 'खाली समय में शारीरिक रूप से सक्रिय रहना अवसाद से बचाने में काफी प्रभावी है।' उन्होंने बताया, 'यदि कोई व्यक्ति 20 से 40 की अवस्था में शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय नहीं रहा हो, लेकिन उसके बाद भी यदि वह सप्ताह में तीन बार अपनी शारीरिक सक्रियता बढ़ाता है तो उसके अवसादग्रस्त होने का जोखिम 16 फीसदी तक कम हो जाता है।' शोधकर्ताओं ने 1958 में जन्मे 11,135 वयस्कों में 50 साल की उम्र तक नियमित अंतराल पर अवसाद के लक्षण और शारीरिक गतिविधियों के स्तर का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि हर सप्ताह अतिरिक्त शारीरिक गतिविधि अपनाने वाले व्यक्तियों में अवसाद छह फीसदी तक कम हुआ। परेरा ने बताया, 'यह प्रभाव सभी लोगों पर देखा गया, न कि सिर्फ उनमें जिन्हें चिकित्सकीय रूप से अवसाद का खतरा था।'
यह अध्ययन 'जेएएमए साइकियाट्री' के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ। पढ़े: प्राकृतिक तरीके से तनाव से कैसे लड़ें
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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