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तनाव से बढ़ता है 'सिजोफ्रेनिया' होने का खतरा

तनाव को अब आप हल्के में लेना बंद कीजिए, क्योंकि अगर यह स्थायी तौर पर आप पर हावी रहा, तो आपकी प्रतिरक्षा कोशिकाओं में बदलाव कर यह 'सिजोफ्रेनिया' जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। एक शोध में यह बात सामने आई है। शोध के लिए शोधकर्ताओं ने 'माइक्रोग्लिया' नामक एक खास प्रकार की फैगोसाइट कोशिकाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया। फैगोसाइट्स दरअसल बड़े आकार वाली श्वेत रक्त कणिकाएं हैं, जो रोगाणुओं तथा अन्य बाहरी कणों को नष्ट करने का काम करती हैं। पढ़े:  योग दिलाता है तनाव से राहत

शोध में यह बात सामने आई है कि सामान्य परिस्थितियों में माइक्रोग्लिया दो तंत्रिका कोशिकाओं की मरम्मत का काम करती हैं, जबकि अगर यह एक बार अत्यधिक सक्रिय हो जाए, तो तंत्रिका कोशिकाओं को नष्ट भी कर सकती हैं, जिसके कारण दिमाग में सूजन हो सकता है। माइक्रोग्लिया के अत्यधिक सक्रिय होने के कारणों में से एक तनाव है, जिसके परिणाम स्वरूप सिजोफ्रेनियाजैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बेहद बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने इस बात का खुलासा किया है कि जो भी व्यक्ति स्थायी तौर पर तनाव की गिरफ्त में है, उसे मानसिक रोग होने का खतरा सबसे ज्यादा है। पढ़े:  प्राकृतिक तरीके से तनाव से कैसे लड़ें

यह अध्ययन विज्ञान की पत्रिका 'रूबिन' में प्रकाशित हुआ है।

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स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


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