... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Published : December 2, 2014 11:21 AM IST
ढीले-ढाले बिस्तर तथा खेलने के लिए दी गई मुलायम वस्तुओं से बच्चों के दम घुटने का खतरा होता है, जिसके कारण उनकी जान मुसीबत में पड़ सकती है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। शोध अभियान 'सेफ टू स्लीप' के निष्कर्ष में खुलासा हुआ है कि अमेरिका में लगभग 55 फीसदी बच्चे उस तरह के बिस्तरों पर सोते हैं, जिससे सडेन इनफैंट डेथ सिंड्रोम (एसआईडीएस) का खतरा होता है। यह शोध यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) तथा अन्य संस्थानों द्वारा किया गया है।
अध्ययन के प्रथम लेखक तथा अमेरिका की सीडीसी के डिविजन ऑफ रिप्रोडक्टिव हेल्थ से संबद्ध कैरी के.शेपिरो-मेंडोजा ने कहा, 'माता-पिता का इरादा हालांकि नेक होता है, लेकिन वे इस बात को नहीं समझते कि कंबल, रजाई तथा तकिए बच्चों के एसआईडीएस तथा अचानक दम घुटने के जोखिम को बढ़ाते हैं।' सेपिरो-मेंडोजा ने कहा, 'बच्चों को कड़े तथा सुरक्षित गद्दे, जिसमें चादर लगी हो, पर ही सुलाना चाहिए। इसके अलावा, किसी अन्य बिस्तर का इस्तेमाल नहीं बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'मुलायम वस्तुएं, खिलौने, पालना, रजाई, ढीले-ढाले बिस्तर को बच्चों के सोने वाली जगहों से दूर रखना चाहिए।' यह अध्ययन पत्रिका 'पीडियाट्रिक्स' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।