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Written By: Agencies | Published : October 17, 2014 12:27 PM IST
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि एक वर्ष के भीतर बालिकाओं के लिए अलग शौचालय के साथ प्रत्येक विद्यालय में शौचालय उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है। उन्होंने कंपनियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे शौचालयों का निर्माण करके और कुछ समय तक उनका रख-रखाव करके इस राष्ट्रीय प्रयास में भाग लें। ईरानी ने यहां 'स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय' अभियान के एक हिस्से के रूप में स्कूलों में शौचालयों के निर्माण के लिए कंपनी सामाजिक दायित्व निधि के इस्तेमाल पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2019 तक स्वच्छ भारत मिशन को तभी पूरा किया जा सकता है, यदि हम स्कूलों में प्रत्येक बच्चे के लिए चालू शौचालयों सहित स्कूलों में अच्छा और साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध करा सकें।
इस सम्मेलन में पूरे भारत से आये कंपनियों के प्रमुखों ने भाग लिया। मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आर सी भार्गव, इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्षा सुधा मूर्ति, जेएंडके टायर्स के अध्यक्ष डॉ. रघुपति सिंघानिया और भारतीय उद्योग परिसंघ, सीएसआर पहल के अध्यक्ष और निजी क्षेत्र की अन्य कंपनियों के प्रमुखों ने इसमें भाग लिया। एनटीपीसी के अध्यक्ष और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा औद्योगिक संघों के सदस्यों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन की शुरूआत तीन मिनट की एक लघु फिल्म से हुई जो बिना शौचालय वाले स्कूलों में बालिकाओं की समस्याओं पर आधारित थी।
एनटीपीसी के अध्यक्ष ने 24,000 शौचालयों के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया। सुधा मूर्ति ने मंत्रालय की उस वेबसाइट पर भुवनेश्वर के 109 स्कूलों को अपने नाम कर लिया जो निजी क्षेत्र के लिए अपने-अपने हित में चलाये जाने के लिए छोड़ दिये गये थे। शौचालयों के निर्माण के लिए टीसीएस, टोयोटा किर्लोस्कर, भारती फाउंडेशन और अंबुजा सीमेंट ने भी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र की कंपनियों की ओर से एक लाख शौचालयों के निर्माण के लिए संकल्प किये गये।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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