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Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:49 AM IST
Skin cancer is the most common form of cancer and the incidence rates have been increasing with the changing atmospheric conditions and use of synthetic skin products. With new research being carried out every day to treat it, there are a few things you probably don't know about it.
त्वचा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के उपाय विकसित करने में वैज्ञानिकों को अब सहूलिय हो सकती है, क्योंकि हालिया अध्ययन में खुलासा हुआ है कि सूर्य की किरणों में मौजूद खतरनाक पराबैंगनी किरणों से शरीर के बचाव के लिए त्वचा के रंगद्रव्य एक रासायनिक प्रतिक्रिया द्वारा इनके विकिरणों को अहानिकर ऊष्मा में बदल देते हैं। स्वीडन के लुंड विश्वविद्यालय में रसायनशास्त्र के प्रोफेसर विलि संडस्ट्रैम ने कहा, 'इस तरह रंगद्रव्य पराबैंगनी किरणों में मौजूद ऊर्जा को निष्क्रिय कर देते हैं, जिससे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।' पढ़े: कैंसर के दस बेतुके मिथक
त्वचा और बालों में 'यूमेलानिन' और 'फ्यूमेलानिन' नामक दो भिन्न प्रकार के रंगद्रव्य (मिलेनिन) होते हैं। संडस्ट्रैम ने कहा, 'शोध के दौरान हमने पाया कि यूमेलानिन हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को पूरी तरह ऊष्मा में परिवर्तित कर देती है।'उन्होंने कहा, 'यह रासायनिक प्रतिक्रिया बेहद कम समय में, लगभग सेकंड के अरबवें भाग से भी कम समय में होती है।'संडस्ट्रैम ने कहा, 'अब चूंकि हम यह प्रक्रिया जान गए हैं कि त्वचा किस प्रकार हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से शरीर की सुरक्षा करती है, इसलिए अब हमें इस विकिरण से शरीर को बचाने के लिए उपाय विकसित करने में मदद मिलेगी।'उन्होंने जोर दिया, 'त्वचा कैंसर से सुरक्षा में इससे मदद मिलेगी।'पढ़े: क्या नमक करेगा कैंसर का इलाज?
यह अध्ययन पत्रिका 'अमेरिकन केमिकल सोसायटी' में प्रकाशित हुआ है। पढ़े: रक्त में कैल्सियम की उपस्थिति कैंसर का देता है संकेत
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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