
... Read More
Written By: Mousumi Dutta | Updated : June 4, 2015 4:36 PM IST
The whole Maggi controversy with lead content beyond permissible limits got me thinking, and I wanted to know if we are exposed to lead in any other form. Here are a few everyday things that may contain lead.
बच्चे हो या बूढ़े सबके जुब़ान पर मैगी का नाम पच्चीस वर्षों से चढ़ा हुआ है। अचानक मैगी को लेकर जो बातें हो रही हैं इससे लोग भयावह अवस्था में आ गए है। सरकार ने इस ओर अपना कदम बढ़ाया है और लगभग सभी राज्यों से इसके जाँच की खबर मिल रही है। सिर्फ गोवा में परीक्षण के दौरान यह सुरक्षित पाया गया। जाँच की पूरी तरह से पुष्टि होने तक दिल्ली सरकार ने बुधवार को पंद्रह दिनों के लिए मैगी के बिक्री पर रोक लगा दिया है। सरकार का यह फैसला एकत्र किए गए नमूनों की जांच के बाद आया है। इन नमूनों में लेड (शीशा) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई थी। सुदूर दक्षिणी राज्य केरल में भी सरकार ने सरकारी दुकानों में मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके साथ ही देश के अन्य राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र और ओडिशा में मैगी के नमूने इकट्ठा कर जांच के लिए भेज दिया गया है। पढ़े- मैगी नहीं तो दो मिनट स्नैक क्या होगा?
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने पत्रकारों से कहा, 'हमने नेस्ले से राज्य के सभी दुकानों से मैगी की पूरी खेप वापस लेने को कहा है। हम राष्ट्रीय राजधानी में मैगी की बिक्री पर 15 दिनों का प्रतिबंध लगा रहे हैं। यह प्रतिबंध आज (बुधवार) से ही लागू होगा।' जैन ने कहा कि नेस्ले के कुछ अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की है और उन्हें इस मामले पर अपनी सफाई दी है, लेकिन दिल्ली सरकार उनकी सफाई से संतुष्ट नहीं हुई। पढ़े- बहुत लंबे वक्त से खा रहे हैं मैगी? न हों परेशान!
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने मैगी विवाद पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी कंपनी ने मानकों का उल्लंघन किया है तो नियामक संस्था इसके लिए जिम्मेदार नहीं हो सकती। पासवान ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, 'लाइसेंस लेने के बाद अगर कोई गड़बड़ी करता है और उपभोक्ता को गुमराह करते हैं तो एफएसएसएआई इसके लिए जिम्मेदार कैसे हो सकता है।'उन्होंने यह भी कहा कि जब तक कि जांच पूरी नहीं हो जाती सरकार न तो कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकती है और न ही उसके प्रचारक के खिलाफ।
दिल्ली सरकार ने इस मामले से निपटने के लिए देश के विभिन्न राज्यों की सरकारों को मैगी के नमूनों का परीक्षण कराने के आदेश दिए हैं।
पंजाब- पंजाब में अधिकारियों ने बुधवार को मैगी के नमूनों की जांच के आदेश दिए हैं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार ज्ञानी ने कहा कि राज्य में विभिन्न स्थानों से मैगी के नमूने लिए जा रहे हैं और उन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
बिहार- बिहार में मैगी के 16 नमूने इकट्ठे किए गए हैं और उन्हें जांच के लिए कोलकाता की प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य निदेशालय के एक अधिकारी ने दी।
तेलंगाना और आंध्रप्रदेश- तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की सरकार ने मैगी के नमूनों की जांच का आदेश दिया है। हैदाराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन (आईपीए) ने तेलंगाना के विभिन्न जिलों से मैगी के 22 नमूने इकट्ठे किए हैं।
कर्नाटक- वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक सरकार ने मैगी समेत सभी प्रकार के नूडल्स की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी नूडल्स मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र- महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गिरीश बापत ने कहा कि मुंबई, ठाणे, नासिक, पुणे और नागपुर के विभिन्न दुकानों से मैगी के नमूने इकट्ठे किए गए हैं और उनका मुंबई और पुणे स्थित सरकारी प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया जा रहा है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल- ओडिशा सरकार ने भी मैगी के नमूने इकट्ठे कर पुणे की एक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्री सधन पाण्डेय ने कहा, ' अपने विभाग से मैंने मैगी समेत कई अन्य उत्पादों को जांच के लिए भेजा है।'
इसके अलावा ओडिशा, हिमाचल, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की सरकारों ने भी मैगी के नमूनों की जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा कि मैगी खाने और कैंटीनों में मैगी की बिक्री रोकने के लिए एक परामर्श जारी किया है। केंद्रीय भंडार के अधिकारियों ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी और उसकी सीमा से लगे शहर नोएडा और गुड़गांव में अपनी खुदरा दुकानों में मैगी की बिक्री बंद कर देगा। बुधवार को मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के शेयर में 9.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
नेस्ले ने कहा कि उसने मैगी की लगभग 600 खेपों में से नमूने इकट्ठे कर उन्हें स्वतंत्र जांच के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं में भेज दिया है। आईएएनएस ने कंपनी से प्रयोगशालाओं के परिणामों पर जानकारी मांगी थी, जिसको लेकर कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। नेस्ले ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से की गई किसी भी कार्रवाई से अनभिज्ञता जताई है। कंपनी ने एक बयान में कहा, 'हमें अधिकारियों से अभी तक कोई शासकीय आदेश नहीं मिला है।'
वहीं बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा कि मैगी मामले में उन्हें अभी तक कोई कानूनी नोटिस नहीं मिला है, फिर भी वह कानूनी कार्यवाहियों में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मैंने मैगी का विज्ञापन करना दो साल पहले ही बंद कर दिया था। मैं अब इसका विज्ञापन नहीं करता। मैं अब इस उत्पाद के साथ नहीं जुड़ा हूं।'
मैगी का विज्ञापन करने के कारण अन्य बॉलीवुड अभिनेत्रियां- माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा भी कानूनी पचड़े में पड़ गई हैं।
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग द्वारा कराए गए परीक्षण में खुलासा हुआ था कि मैगी में तय सीमा से अधिक मात्रा में मोनोसोडियन ग्लूटमेट और लेड (शीशा) पाया गया है, जिसके बाद से पूरे देश में मैगी के नमूनों की जांच शुरू हो गई है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty image
हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए।लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.