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चावल के पावडर से हो सकता है हैजा का इलाज

हैजा के रोगी का इलाज मूलत: मौखिक पुनर्जलीकरण चिकित्सा (ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी) द्वारा किया जाता है, जिसमें पानी के साथ नमक व ग्लूकोज मिलाकर रोगी को पिलाया जाता है। लेकिन यह चिकित्सा बीमारी के लिए जिम्मेदार जीवाणु की विषाक्तता को बढ़ा सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर ग्लूकोज की जगह चावल के पाउडर का इस्तेमाल किया जाए, तो जीवाणु की विषाक्तता को 75 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

लाउसेन स्थित स्वीस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (ईपीएफएल) के मेलानी ब्लॉकेश ने कहा, 'समस्या यह है कि संक्रमण पैदा करने वाला जीवाणु भी ग्लूकोज का इस्तेमाल करता है, जिसके कारण उसकी विषाक्तता और बढ़ जाती है।' वैज्ञानिकों ने शोध के दौरान पाया कि ग्लूकोज मिलने पर जीवाणु का विकास और तेजी से होता है, जबकि जब उसे स्टार्च दिया जाता है, तो उनका विकास नहीं हो पाता।

ब्लॉकेश ने कहा, 'हालांकि हम यह नहीं कह रहे हैं कि ग्लूकोज युक्त ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी को बंद कर दिया जाए, क्योंकि यह बेहद बढ़िया काम करता है।' उन्होंने कहा कि आंकड़ों को देखकर तो यही सामने आता है कि आहार में काफी सुधार किया जा सकता है और समुदाय को इस संभावना पर फिर से विचार करने की जरूरत है। पढ़े- ब्राउन चावल खाना क्यों अच्छा होता है?

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यह अध्ययन पत्रिका 'पीएलओएस नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजिज' में प्रकाशित हुआ है।

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


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