... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Published : October 21, 2014 5:59 PM IST
आजकल छोटे बच्चे बहुत जल्द संकमण का शिकार हो जाते हैं, जिसका एक कारण गाय के ताजा दूध की अनुपलब्धताहो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अल्ट्रा हाई टेंपरेचर (यूएचटी) प्रक्रिया से तैयार गाय के दूध के बजाए गाय का ताजा दूध पीने वाले बच्चे सांस संबंधी संक्रमण, ज्वर और कान के सूजन जैसी बीमारियों से बचे रहते हैं। गाय के ताजा दूध के सेवन से शिशुओं में संक्रामक बीमारियों का खतरा 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है, जबकि घर पर दूध को गर्म करके बच्चों को पिलाने से इसका प्रतिरक्षण प्रभाव कम हो जाता है।
जर्मनी के म्यूनिक स्थित डॉ. वोन हॉनर चिल्ड्रेन्स हॉस्पीटल के जॉर्ज लॉस ने बताया, 'गाय का ताजा दूध पीने वाले बच्चों में व्यवसायिक रूप से संशोधित अल्ट्रा पास्च्युराइज्ड दूध पीने वाले बच्चों की तुलना में जुकाम, ज्वर, कान की सूजन और दूसरी सांस संबंधी संक्रामक बीमारियां कम देखने को मिलती हैं।' गाय का ताजा दूध पीने वाले बच्चों में सी-रिएक्टिव प्रोटीन का स्तर भी कम होता है, जो शिशुओं में कई तरह के सूजन के लिए जिम्मेदार होता है। गाय के दूध में पैथोजेनिक माइक्रोऑर्गेनिज्म होता है, जो स्वास्थ्य संबंधी खतरों से शिशुओं को सुरक्षा प्रदान करने में कारगर है।
यह शोध जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्युनोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।