Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
- वेब स्टोरीज
आज का समाज चाहे खुद को कितना भी प्रगतिशील बोले लेकिन लड़कियों के मामले में सदियों की पुरानी प्रथा आज भी चल रही है। चाहे लोग दिल ही दिल में दहेज जैसी प्रथा को कितनी भी गलत ठहरायें लेकिन तब भी ये प्रथा किसी न किसी रूप में अभी भी चल रही है। इस सदियों से चली आ रही दहेज की प्रथा की आग में लाखों बहुओं के साथ उसके माता-पिता के अरमान जल रहे हैं। हर युग में इसके खिलाफ आवाज तो उठी लेकिन कभी भी इस प्रथा को बंद नहीं किया जा सका। सबसे दुख की बात ये है कि दहेज के खिलाफ कानून तो बना है लेकिन तब भी ये प्रथा चालू है। हर कोई जानता है कि दहेज देना और लेना गलत है लेकिन कोई भी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाता है। केरला के रमैया रामचंद्रन ने न सिर्फ दहेज के खिलाफ आवाज उठाया बल्कि शादी करने से भी इंकार किया। शादी के दिन भी दुल्हे के परिवार के तरफ से मनमानी दहेज मांगे जाने पर तृश्शूर के रमैया ने अपनी शादी को तोड़ने की हिम्मत दिखाई, जो हर किसी के लिए करना मुश्किल होता है।
उनके फेसबुक पोस्ट पर रमैया बताती हैं कि दुल्हे के परिवार वाले सगाई के बाद से ही तरह तरह से दहेज मांग रहे थे। सगाई के पहले वे सिर्फ लड़की को शादी करके ले जाना चाहते थे लेकिन सगाई होते ही उनकी मांग शुरू हो गई। उन्होंने 50 सोने के सिक्के और 5 लाख रूपयों की मांग की। इस अवस्था में रमैया ने शादी को तोड़ देना ही बेहतर समझा।
रमैया के अपने फेसबुक में मलयालम मे कहा है-
उनकी इस पोस्ट के बाद लोगों ने उनके कदम को बहुत सराहा है। उनके इस निर्णय को देशभर के बहुत लोगों ने समर्थन किया है। जिन लोगों ने उनके इस निर्णय को सराहा है उन सबको उन्होंने धन्यवाद भी दिया है।
हम रमैया को उनके इस साहसी कदम उठाने के लिए सलामी देते हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock
हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।