... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Published : October 28, 2014 2:23 PM IST
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के बिलाईगढ़ क्षेत्र के परसाडीहगुड़ा गांव के तीन ग्रामीणों की विषाक्त प्रसाद (खीर) खाने से मौत हो गई। वहीं 70 लोग अभी भी बीमार बताए जा रहे हैं। इसमें 40 लोगों को बिलाईगढ़ अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके अलावा कई लोगों को आसपास के जिलों के निजी अस्तपालों में भर्ती कराया गया है। जानकार सूत्रों ने बताया कि शरीर की क्षमता बढ़ाने और जहर के प्रभाव से बचने की मान्यता के चलते आदिवासी बैगाओं ने सांप का जहर व जड़ी-बूटी से तैयार खीर का सेवन किया था।
जानकारी मिली है कि आदिवासी बहुल परसाडीहगुड़ा में रविवार को दिन में आसपास के 7-8 गांव के करीब डेढ़ से दो सौ की संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए थे। बैगा आदिवासी ग्रामीणों ने गांव के समीप जंगल में पूजा-पाठ और अनुष्ठान किया। इसके बाद सांप का जहर और जड़ी-बूटी से तैयार किए गए खीर के रूप में प्रसाद खाने से ग्रामीणों की तबियत खराब हो गई। शाम होते-होते तक 70 से अधिक ग्रामीणों की हालत बेहद खराब हो जाने पर उन्हें आसपास के अस्पतालों में लाया गया। जहां एक-एक करके पांच आदिवासी बैगाओं की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को बिलाईगढ़ के अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं 40 से अधिक बीमार ग्रामीणों को रायपुर और बिलासपुर रेफर किया गया है। मृतकों में ग्राम गोड़ा निवासी कार्तिक पिता सहेत्तर केवट (50), ग्राम सुरगुली निवासी रामेश्वर पिता बहुरन केवट (47) तथा ग्राम गोड़ा निवासी गोरेलाल (38) शामिल है। घटना की जानकारी मिलते ही बलौदाबाजार कलेक्टर राजेश सुकुमार टोप्पो ने परसाडीहगुड़ा गांव के लिए चिकित्सकों का एक दल रवाना किया है।
टीवी चैनलों में पांच मौतों की खबर दिखाई जा रही थी, लेकिन कलेक्टर राजेश सुकुमार टोप्पो ने तीन मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जादू-टोने के अंधविश्वास में बैगा आदिवासियों के समूह ने गांव में एकत्र होकर पूजा-पाठ करने के बाद सांप का जहर और जड़ी-बुटियों को मिलाकर खीर पकाई फिर उसे प्रसाद के रूप में खाया। इससे ग्रामीणों की हालत खराब होने लगी। रविवार रात 12 बजे तक उन्होंने तीन लोगों की मौत होने और 13 लोगों को गंभीर हालत में बिलाईगढ़ अस्पताल में दाखिल कराए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जहर मिले प्रसाद खाने से प्रभावित कई ग्रामीण बसना, पिथौरा चले गए। डाक्टरों की एक टीम घटनास्थल पर रवाना की गई है। विषाक्त प्रसाद खाने से अभी कितने लोग गंभीर है, इसकी जानकारी ली जा रही है।
जानकारी के अनुसार, विषाक्त खीर खाने से ईश्वर, शिवचरण, गणेश राम, द्रोणचरण, राजाराम, जगतराम, जोहर सिंह, जोहत राम, छत्रसिंह, राजेंद्र, छतराम, तिललाल, जयलाल, रामरतन, जलसिंह, चैतराम, लगनू, समारू, बलीराम, सोनऊ, जगेश्वर, ननकूराम, चमरू की हालत गंभीर है। इन सभी को रायपुर के अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया है। खीर में अधिक मात्रा में जहर मिलाए जाने के कारण इसके सेवन करते ही ग्रामीणों की हालत खराब होने लगी। सभी जब उल्टियां करने लगे, तब घटना की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। बिलाईगढ़ विधायक डॉ.सनम जांगड़े घटना की जानकारी मिलते ही परसाडीहगुड़ा गांव रवाना हो गए। उन्होंने कलेक्टर सुकुमार टोप्पो से फोन पर घटना के बारे में जानकारी ली और प्रभावित ग्रामीणों के समुचित इलाज की व्यवस्था तत्काल कराने के निर्देश दिए।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।