... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : February 3, 2016 11:48 AM IST
लोगों में शायद यह कैंसर का भय ही है कि वे इस बीमारी की संभावित चेतावनी के संकेत को नजरंदाज कर देते हैं, जिसके कारण बाद में उनकी जान पर बन आती है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। निष्कर्ष के मुताबिक, कुल 1,700 लोगों पर यह अध्ययन किया गया, जिसमें लगभग आधे (53 फीसदी) लोगों ने कहा कि तीन महीने पहले उन्हें कैंसर के कम से कम एक गंभीर लक्षण का अहसास हुआ, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि उनमें से केवल दो फीसदी लोगों को ही लगा कि यह कैंसर का संभावित लक्षण है। पढ़े: स्तन कैंसर: कारण, लक्षण और बचाव
निष्कर्ष के मुताबिक, कैंसर के लक्षणों को लोग बढ़ती उम्र, संक्रमण, गठिया तथा सिस्ट समझकर नजरंदाज कर देते हैं। युनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में वरिष्ठ शोधार्थी कैटरीना व्हीटेकर ने कहा, 'कैंसर के लक्षण सामने आने का मतलब यह नहीं कि वह बीमारी कैंसर ही है। यह कैंसर या दूसरी बीमारियों का लक्षण हो सकता है। लेकिन शुरुआत में ही इसपर ध्यान देना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।' व्हीटेकर ने कहा, 'यही कारण है कि जब ऐसे लक्षण प्रकट हों, तो उसकी जांच करानी चाहिए, खासकर अगर वे दूर नहीं हो रहे हों तो। लेकिन अगर लोगों को लगता है कि ये लक्षण कैंसर से संबंधित नहीं हैं, तो लोग चिकित्सक से परामर्श लेने में देर करते हैं।' पढ़े: एआईएमएस में ब्लड कैंसर का इलाज नए तरीके से किया गया
यूके कैंसर रिसर्च में शीघ्र निदान के निदेशक सारा हियोम ने कहा, 'लक्षण दिखने पर अगर लोग चिकित्सक के पास जाएं, तो अधिकांश कैंसर का पता लगाया जा सकता है।' यह निष्कर्ष पत्रिका 'पीएलओएस ओएनई' में प्रकाशित हुआ है। पढ़े: ब्लैक टी और खट्टे फल गर्भाशय कैंसर के खतरे को करता है कम
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।