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Written By: Agencies | Published : October 20, 2014 4:29 PM IST
जापान की घरेलू सामान बनाने वाली कंपनी काओ कॉर्प जल्द ही अपने उत्पादों और खासकर शैंपू के लिए क्लींसिंग एजेंट बनाने हेतु शैवाल का उपयोग कर सकती है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक काओ ने 1,200 प्रकार के शैवालों पर शोध करने के बाद दो प्रकार के शैवालों को अपने मकसद के लिए छांटा है। इन शैवालों में मीडियम-चेन फैटी एसिड पाया जाता है। इसकी रासायनिक संरचना वैसी ही है, जैसी पाम कर्नेल तेल में पाया जाता है, जिसका उपयोग अभी शैंपू के मुख्य घटक सर्फेक्टेंट में होता है।
सर्फेक्टेंट्स या सर्फेस-एक्टिव एजेंट में मैल हटाने की क्षमता होती है। काओ ने अपने शोध को नौ सितंबर को सपोरो में वसा और तेल से संबंधि एक अकादमिक बैठक में प्रस्तुत किया। ताड़ के बीज के तेल को लेकर चिंता जताई जाती है कि ताड़ के पेड़ लगाने के लिए बड़े पैमाने पर वनों का विनाश किया जाएगा। साथ ही ताड़ के फल खाए भी जाते हैं।
इसलिए काओ सर्फेक्टेंट बनाने के लिए वैकल्पिक सामग्री खोज रही है। गौरतलब है कि सर्फेक्टेंट का निर्माण पहले पेट्रोलियम से होता था। काओ के प्रवक्ता ने कहा, 'हम अब अखाद्य सामग्री पर ध्यान देना चाहते हैं।' कंपनी के मुताबिक शैवाल संबंध शोध 2020 तक पूरा हो सकता है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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