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Written By: Agencies | Published : October 15, 2014 2:32 PM IST
वैज्ञानिकों ने व्यापक प्रभाव वाले एक एंटिबायोटिक तथा एक ऐसे जीन की खोज की है, जो उस एंटिबायोटिक के प्रति प्रतिरक्षा प्रदान करता है और दोनों ही स्टाफायलोकोकस एपिडर्मिडिसस्ट्रेन 115 बैक्टीरिया में पाया जाते हैं। स्ट्रेन 115 की खोज तुर्की में की गई थी, जिसका इस्तेमाल बैक्टीरियल संक्रमण के प्रति प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए किया जाता था।अमेरिका में उटा के प्रोवा स्थित ब्रिघम यंग युनिवर्सिटी के जोल एस.ग्रिफिट्स ने कहा, 'हमारे अध्ययन का उद्देश्य स्ट्रेन 115 और बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरीया से प्रतिरक्षा के बीच के संबंध को समझना था।' जटिल रचना के कारण इस एंटिबायोटिक का इस्तेमाल बेहद कम किया जाता था।
लेकिन जल्द ही जांचकर्ताओं को समझ आ गया कि स्ट्रेन 115 एक ऐसा शक्तिशाली एंटिबायोटिक पैदा कर सकता है, जो स्ट्रेप थ्रोट, गंभीर जठरांत्र बीमारियां पैदा करने वाले बैक्टीरिया सहित चिकित्सकीय रूप से प्रासंगिक कई सारे बैक्टीरिया का खात्मा कर सकता है। यह अध्ययन पत्रिका 'बैक्टिरियोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। पढ़े:
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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