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Written By: Agencies | Published : October 20, 2014 2:38 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत चिकित्सा के क्षेत्र में शोध के मामले में पिछड़ रहा है। इस दिशा में और काम किए जाने की जरूरत है। मोदी ने भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 42वें दीक्षांत समारोह में कहा, 'भारत चिकित्सा के क्षेत्र में शोध के मामले में पिछड़ रहा है और इस दिशा में काफी कुछ किए जाने की जरूरत है। हमें शोध, विशेषकर केस हिस्ट्री पर ध्यान देने की जरूरत है। यह मानवता के लिए बड़ा योगदान होगा।' उन्होंने दीक्षांत समारोह में विशेष अतिथियों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया।
मोदी ने कहा, 'क्या हम दीक्षांत समारोह में विशेष अतिथियों को बुलाने की परंपरा शुरू कर सकते हैं? विशेष अतिथि से मेरा मतलब गांव के आठवीं-नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों से है। उन्हें आमंत्रित करना चाहिए, ताकि वे दुनिया को देख सकें।' सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मोदी ने कहा, 'यह विद्यार्थियों के बीच उत्सुकता पैदा करेगा, उन्हें सपना देखने में मदद करेगा जिसका बड़ा प्रभाव होगा।' उन्होंने संस्थान से डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने अंदर के छात्र को हमेशा जिंदा रखें। प्रधानमंत्री ने कहा, 'क्या आपको लगता है कि यहां आपका छात्र जीवन समाप्त हो गया? ज्ञान और सीखने की ललक कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि एम्स में आप बेहद सुरक्षित थे। यहां आपकी मदद के लिए वरिष्ठ छात्रों से लेकर शिक्षक हर कोई मौजूद था। लेकिन अब आप बड़ी कक्षाओं में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां आपको अपने फैसले खुद लेने होंगे।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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