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Written By: Agencies | Published : February 3, 2015 1:57 PM IST
मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल से बच्चों का सामाजिक-भावनात्मक विकास बाधित हो सकता है। यह बात शोधकर्ताओं ने कही है। अमेरिका के बोस्टन युनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन की जेनी रेडेस्की के अनुसार, आज हर घर में कई मोबाइल फोन होते हैं और छोटे बच्चों को मोबाइल से खेलने की आदत पड़ जाती है।
शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाने की कोशिश की कि बच्चों में भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कहीं सहानुभूति, सामाजिक एवं समस्या समाधान के कौशल को बाधित कर कर सकता है। ये सारी योग्यताएं बच्चों में अध्ययन, खेल और साथियों से बातचीत के जरिए अर्जित होती हैं। रेडेस्की ने कहा, 'ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बच्चों में ज्ञानेंद्रिय एवं दृश्य-मोटर कौशल के विकास के लिए आवश्यक गतिविधियों की जगह ले लेते हैं। यह कौशल गणित एवं विज्ञान सीखने और जीवन में उनके इस्तेमाल के नजरिए से महत्वपूर्ण है।' पढ़े- सोने के वक्त मोबाइल अपने तकिये के पास क्यों नहीं रखना चाहिए ?
यह बात सर्वज्ञात है कि छोटे बच्चे चेहरे की भावनाओं और गतिविधियों को देखकर ज्यादा सीख पाते हैं। शोधकर्ताओं की सलाह है कि इंटरैक्टिव मोबाइल उपकरण के प्रभाव के बारे में पहले से जानकारी नहीं होती, इसलिए बच्चों को उनके इस्तेमाल की अनुमति देने से पहले माता-पिता को उनकी जांच कर लेनी चाहिए।
यह अध्ययन जर्नल पेडियाट्रिक्स में प्रकाशित हुई है। पढ़े- अब स्मार्ट फोन देगा आपके मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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