Advertisement

अमृतानंदमयी मठ के चिकित्सा दल ने कश्मीर में 6000 लोगों का किया इलाज

माता अमृतानंदमयी मठ का चिकित्सा दल कश्मीर में झेलम नदी में आई बाढ़ में पीड़ित लोगों में एलर्जी, पेचिश, कृमि संक्रमण और मानसिक आघात जैसी बीमारियों का इलाज करने के बाद केरल लौट आया है। इस दौरान 6,000 लोगों का इलाज किया गया। माता अमृतानंदमयी मठ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घाटी में आष्टांगू, कुलहामा, लहरवालपोरा, सुम्बल, नौगाम, जलपोरा, नाइद खाई, हाजिन और मागम में चिकित्सा शिविर लगाए गए। मुफ्त परामर्श के अलावा, मठ ने मोबाइल यूनिट के माध्यम से दवाइयों का नि:शुल्क वितरण किया और प्रयोगशाला परीक्षण, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और एक्स-रे जैसी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की।

चिकित्सा दल ने यहां तक कि दो महिलाओं का प्रसव भी कराया, जिनमें से एक बच्चा सीजेरियन से पैदा हुआ। बयान के अनुसार, एमएएम चिकित्सा मिशन का नेतृत्व करने वाले डॉ. पुनीत धर ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अधिकतर लोग आम तौर पर स्केबीज, एलर्जी जैसी त्वचा की बीमारियों, आंत्रशोथ, कृमि संक्रमण, श्वसन संक्रमण (बच्चों सहित) जैसी बीमारियों और कमर और जोड़ों में दर्द, उच्च रक्तचाप और उदासी जैसी सामान्य बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने कहा, 'हमलोगों ने उन बीमारियों का भी इलाज किया जो बाढ़ से संबंधित नहीं थे। उन बीमारियों में पित्ताशय की पथरी, मधुमेह, मूत्र विकार, अपच और यौन रोग शामिल थे। हमलोगों ने उन्हें सर्वोत्तम इलाज कराने की कोशिश की जितना हम कर सकते थे।'

मठ ने कम प्रतिरोधक क्षमता वाले पशुओं के लिए भी दवाइयां वितरित की और अब मकानों के पुनर्निर्माण में जम्मू एवं कश्मीर सरकार की मदद करने के लिए खुद को तैयार किया है। चिकित्सा दल नौ अक्टूबर को ही राज्य की राजधानी श्रीनगर पहुंच गया था और उसके अगले दिन से ही इस दल ने 15 दिनों तक प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया। मठ ने बांदीपोर जिला आयुक्त शाह फैजल की सलाह से, कश्मीर के कुछ गांवों में करीब 3,000 कंबल वितरित किये। पढ़े: माता अमृतानंदमयी मठ द्वारा आयोजित दो मेडिकल मोबाइल यूनीट श्रीनगर के लिए रवाना

Also Read

More News

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Getty images


लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।

Stay Tuned to TheHealthSite for the latest scoop updates

Join us on