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सोमवार से देश के 100 शहरों में मैगी की बिक्री शुरू!

मैगी की स्नैपडील करेगी ऑनलाइन बिक्री!

नेस्ले इंडिया ने मैगी के दिवानों को दी दिवाली की सौगात। भारत के सौ शहरों में मैगी की बिक्री सोमवार से होनी शुरू हो गई। कंपनी ने कहा कि ब्रांड के 32 वर्षो के इतिहास में 'पांच माह की विकट समस्या' (बिक्री पर प्रतिबंध) सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रही है। कंपनी ने इसकी ऑनलाइन बिक्री के लिए ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील के साथ करार भी किया है। नेस्ले इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुरेश नारायणन ने एक बयान में कहा, 'दिवाली की पूर्व संध्या और धनतेरस के पावन दिन पर मैगी की बाजार में वापसी हम सभी के लिए एक जश्न का मौका है।'

नारायण ने यहां एक गोलमेज सभा में मैगी की दोबारा वापसी की घोषणा करते हुए संवाददाताओं से कहा, 'हमने जिस समस्या का सामना किया, वह नेस्ले इंडिया के लिए एक बड़ी समस्या है। लेकिन हम हमेशा से मैगी नूडल्स की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर आश्वस्त थे। कंपनी के लिए यह एक महत्वपूर्ण ब्रांड है।' उन्होंने कहा कि बाजार में सबसे पहले मैगी 'मसाला' की विभिन्न वेराइटी उतारी जाएंगी और उसके बाद अन्य वेराइटी लाई जाएंगी। नारायण ने कहा, 'मैगी का देशभर में मौजूद इसके उपभोक्ताओं के साथ एक बहुत ही खास और सु²ढ़ भावनात्मक रिश्ता है। मुझे पूरा यकीन है कि हमारा रिश्ता और मजबूत होगा।' वहीं, स्नैपडील से नई-नई साझेदारी पर उन्होंने कहा, 'नेस्ले इंडिया इस विशेष मौके पर स्पैनडील के साथ मिलकर ऑनलाइन बिक्री करने से बहुत खुश है।'

उल्लेखनीय है कि पांच जून को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं नियामक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नेस्ले के नूडल्स की पूरे देश में बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था। प्राधिकरण ने यह कदम नूडल्स में हानिकारक लेड (सीसा) की तय मात्रा से अधिक मौजूदगी पाने जाने के बाद उठाया था। प्राधिकरण ने मैगी नूडल्स को मनुष्यों के लिए 'असुरक्षित व हानिकारक' बताया था।

पांच महीनों की कानूनी लड़ाई के बाद बीते बुधवार को कंपनी ने कहा था कि मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में सभी जांच पूरी करने के बाद इस महीने की शुरुआत में सबसे पहले मैगी का मसाला संस्करण बाजार में पुन: उतारा जाएगा। नारायणन ने कहा कि बाजार में उतारी गई मैगी पहले जैसी ही होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि पैकेजिंग पर नो-एडेड एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) लाइन नहीं लिखी होगी, जोकि विवाद का मुद्दा बन गई थी।

नारायणन ने कहा कि पैक में एमसजी अपने स्वााभाविक रूप में होगी, जिसमें स्वाद बढ़ाने वाले कोई रसायन नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मैगी नूडल्स अकेले ही 25-30 प्रतिशत का योगदान देती है। कंपनी अपने इस उत्पाद के लिए व्यापक प्रचार अभियान अपनाएगी।

कंपनी ने जून में प्रतिबंध के आदेश के बाद 320 करोड़ रुपये की मैगी को सीमेंट की फैक्ट्रियों को ईंधन के रूप में दे दिया था। नारायणन ने कहा कि पूरे संकट के कारण भारतीय इकाई को लगभग 7.5 करोड़ स्विस फ्रैंक (लगभग 495 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। प्रतिबंध के पहले मैगी नूडल्स देश के 500 शहरों व कस्बों के 40 लाख आउटलेटों पर बेचे जा रहे थे।

रिलॉन्चिंग के उत्पादों का निर्माण फिलहाल नानजंगुड (कर्नाटक), मोगा (पंजाब) तथा बिचोलिम (गोवा) स्थित फैक्ट्रियों में होगा। एक सवाल के जवाब में नारायणन ने आईएएनएस से कहा, 'इस तरह के पचड़ों में पड़ना नेस्ले के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उपभोक्ता अदालत में हम अपने बचाव के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।'

सरकार ने जनता को गुमराह करने और अनुचित व्यापार गतिविधियों में संलिप्त रहने को लेकर नेस्ले इंडिया के खिलाफ 640 करोड़ रुपये का मुकदमा दर्ज कराया था। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होनी है।

स्रोत - IANS Hindi

चित्र स्रोत - Shutterstock


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