... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Published : October 21, 2014 12:08 PM IST
मध्य प्रदेश में डेंगू धीरे-धीरे गंभीर रूप अख्तियार करता जा रहा है, इसे देखते हुए राज्य सरकार ने डेंगू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं जिलों में 50 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जिन्हें राजधानी भोपाल के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से डेंगू नियंत्रण के प्रयासों की समीक्षा की और डेंगू, मलेरिया आदि की रेाकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। मिश्रा ने बताया कि राज्य में डेंगू से निपटने के लिए निचले स्तर तक इंतजाम किए गए हैं, दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में मलेरिया और डेंगू के नियंत्रण के लिये सघन अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कृष्ण ने मलेरिया और डेंगू के नियंत्रण की समीक्षा बैठक में कहा कि बीमारी के नियंत्रण के लिए दीपावली के अवसर पर घर में संग्रहीत पानी की टंकी, कूलर, गमले के नीचे कंटेनर, नहाने के पानी, घर की सफाई के साथ पानी की भी सफाई करें, क्योंकि मलेरिया और डेंगू का लार्वा सीवेज के पानी की अपेक्षा स्वच्छ पानी में ज्यादा पाया जा रहा है।
प्रवीर कृष्ण ने बताया कि उन्होंने जिला, तहसील और ग्राम-स्तर के ग्रामीणों से सम्पर्क कर मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए जिलों में 5000 स्वास्थ्य केन्द्र पर सेक्टर अधिकारियों को तैनात किया है। स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वास्तविक स्थिति की जानकारी सेक्टर अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में सूचना तंत्र को मजबूत कर मलेरिया और डेंगू से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और उपचार किया जा रहा है। प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र के घरों से पानी के 2400 सैम्पल लिए गए, जिसमें 648 में डेंगू पाजिटिव लक्षण मिले।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।